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Champawat News: बारिश से फिरा सरस महोत्सव पर पानी
Tue, 21 Mar 2023 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 21 Mar 2023 11:32 PM IST
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टनकपुर सरस महोत्सव परिसर में मंगलवार शाम में जलभराव के ऐसे हालात थे। संवाद
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टनकपुर (चंपावत)। बारिश से टनकपुर सरस महोत्सव का परिसर मंगलवार को तालाब में तब्दील हो गया। बारिश से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की ओर से लगाए गए स्टॉलों में रखा सामान खराब हो गया। उत्तराखंड के अलावा कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, झारखंड से आए समूहों के स्टॉलों को लाखों रुपयों का नुकसान हुआ। उत्पादों के स्टॉल नहीं लग सके। महोत्सव परिसर के अव्यवस्थित होने से मंगलवार रात को प्रस्तावित सांस्कृतिक संध्या को भी स्थगित कर दिया गया। समूहों के प्रतिनिधियों ने नुकसान की भरपाई की मांग की है।
19 मार्च से शुरू सरस महोत्सव में तीसरे दिन मंगलवार की सुबह बारिश से स्थल पानी से लबालब भर गया। तेज बारिश का असर जलरोधक (वाटरप्रूफ) स्टॉलों पर भी पड़ा। स्टॉल के भीतर का ज्यादातर सामान खराबब हो गया। बारिश थमने के बाद समूह के प्रतिनिधियों ने सामान बचाने की कवायद की। प्रशासन को भी आयोजन स्थल पर भरे पानी को निकालने के लिए चुनौती का सामना करना पड़ा। मशीन के जरिए पानी को मैदान से निकाला गया। पांच घंटे से ज्यादा की मशक्कत के बाद महोत्सव परिसर के हालात में सुधार हुआ। कई समूहों से जुड़ी रेखा ध्यानी, शशि कला, सरोजनी देवी, रुकमणी देवी, बीना देवी, रेखा शर्मा, विजय लक्ष्मी आदि ने मौके पर मौजूद डीआरडीए की एपीडी विम्मी जोशी से वार्ता कर नुकसान के मुआवजे की मांग की।
पति न बेटा, मदद न मिली तो बर्बाद हो जाऊंगी...
साढ़े तीन लाख के नुकसान के बाद पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की सुजाता मंडल ने सुनाई आपबीती
बंगाल, कर्नाटक और अन्य राज्यों के नुकसान के एक जैसे हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो गया। कोई मदद न मिली तो मैं बर्बाद हो जाऊंगी। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के स्वयं सहायता समूह की सुजाता मंडल ने रुआंसा होते हुए यह बात कही।
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जूट के जूते, चप्पल और कृत्रिम जौहरी सामग्री लेकर आईं बुजुर्ग सुजाता ने कहा कि वे साढ़े तीन लाख रुपये का सामान लेकर आई थीं। सारा सामान खराब हो गया। उन्होंने कहा कि न उसके पति हैं और न ही परिवार में कोई अन्य। वह इसी तरह के मेलों से पेट भरती हैं। उनके ही राज्य के चौबीस परगना जिले की माला देवी के स्टॉल में हुए नुकसान से पांच लाख रुपये की साड़ियों में से ज्यादातर अब बिक्री लायक नहीं रह गईं। बंगाल के इन समूहों के राज्य समन्वयक अनिरुद्ध राय चौधरी कहते हैं कि बारिश ने स्टॉल को इस कदर नुकसान पहुंचाया है कि अब भरपाई संभव नहीं है। इससे उनका हौसला टूटा है।
कर्नाटक की जय लक्ष्मी, अंबिका, राजस्थान के चंद्रा प्रजापति, अलीगढ़ की प्रेमवती, रामनगर ब्लॉक की रेखा रावत, बसंती देवी, दमयंती सभी को भारी चपत लगी है। बारिश से हुए नुकसान के कारण सभी चिंतित हैं। मेवात के चंद्र प्रजापति टेराकोट की मूर्तियां बिक्री के लिए लाए थे लेकिन पानी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। कहते हैं कि मूर्तियों का रंग और चमक भी फीकी पड़ गई। महोत्सव में अचार, खाने पीने के स्थानीय उत्पाद, कालीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू सहित ढेरों सामान को नुकसान पहुंचा है।
महोत्सव में हुए नुकसान की मिलेगी क्षतिपूर्ति : डीएम
टनकपुर (चंपावत)। सरस महोत्सव में स्वयं सहायता समूहों को बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा मिलेगा। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि समूहों के उत्पादों की सुरक्षा के लिए टैंट और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित कार्यदायी संस्था के माध्यम से पांच करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है। नुकसान का आकलन कर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
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19 मार्च से शुरू सरस महोत्सव में तीसरे दिन मंगलवार की सुबह बारिश से स्थल पानी से लबालब भर गया। तेज बारिश का असर जलरोधक (वाटरप्रूफ) स्टॉलों पर भी पड़ा। स्टॉल के भीतर का ज्यादातर सामान खराबब हो गया। बारिश थमने के बाद समूह के प्रतिनिधियों ने सामान बचाने की कवायद की। प्रशासन को भी आयोजन स्थल पर भरे पानी को निकालने के लिए चुनौती का सामना करना पड़ा। मशीन के जरिए पानी को मैदान से निकाला गया। पांच घंटे से ज्यादा की मशक्कत के बाद महोत्सव परिसर के हालात में सुधार हुआ। कई समूहों से जुड़ी रेखा ध्यानी, शशि कला, सरोजनी देवी, रुकमणी देवी, बीना देवी, रेखा शर्मा, विजय लक्ष्मी आदि ने मौके पर मौजूद डीआरडीए की एपीडी विम्मी जोशी से वार्ता कर नुकसान के मुआवजे की मांग की।
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पति न बेटा, मदद न मिली तो बर्बाद हो जाऊंगी...
साढ़े तीन लाख के नुकसान के बाद पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की सुजाता मंडल ने सुनाई आपबीती
बंगाल, कर्नाटक और अन्य राज्यों के नुकसान के एक जैसे हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो गया। कोई मदद न मिली तो मैं बर्बाद हो जाऊंगी। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के स्वयं सहायता समूह की सुजाता मंडल ने रुआंसा होते हुए यह बात कही।
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जूट के जूते, चप्पल और कृत्रिम जौहरी सामग्री लेकर आईं बुजुर्ग सुजाता ने कहा कि वे साढ़े तीन लाख रुपये का सामान लेकर आई थीं। सारा सामान खराब हो गया। उन्होंने कहा कि न उसके पति हैं और न ही परिवार में कोई अन्य। वह इसी तरह के मेलों से पेट भरती हैं। उनके ही राज्य के चौबीस परगना जिले की माला देवी के स्टॉल में हुए नुकसान से पांच लाख रुपये की साड़ियों में से ज्यादातर अब बिक्री लायक नहीं रह गईं। बंगाल के इन समूहों के राज्य समन्वयक अनिरुद्ध राय चौधरी कहते हैं कि बारिश ने स्टॉल को इस कदर नुकसान पहुंचाया है कि अब भरपाई संभव नहीं है। इससे उनका हौसला टूटा है।
कर्नाटक की जय लक्ष्मी, अंबिका, राजस्थान के चंद्रा प्रजापति, अलीगढ़ की प्रेमवती, रामनगर ब्लॉक की रेखा रावत, बसंती देवी, दमयंती सभी को भारी चपत लगी है। बारिश से हुए नुकसान के कारण सभी चिंतित हैं। मेवात के चंद्र प्रजापति टेराकोट की मूर्तियां बिक्री के लिए लाए थे लेकिन पानी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। कहते हैं कि मूर्तियों का रंग और चमक भी फीकी पड़ गई। महोत्सव में अचार, खाने पीने के स्थानीय उत्पाद, कालीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू सहित ढेरों सामान को नुकसान पहुंचा है।
महोत्सव में हुए नुकसान की मिलेगी क्षतिपूर्ति : डीएम
टनकपुर (चंपावत)। सरस महोत्सव में स्वयं सहायता समूहों को बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा मिलेगा। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि समूहों के उत्पादों की सुरक्षा के लिए टैंट और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित कार्यदायी संस्था के माध्यम से पांच करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है। नुकसान का आकलन कर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।