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आपस में चंदा जुटाकर और श्रमदान से सुधारा रास्ता
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चंपावत के खर्ककार्की में श्रमदान से क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत करने वाले ग्रामीण।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। प्रशासन की अनदेखी के बाद जिला मुख्यालय की खर्ककार्की ग्राम पंचायत के युवाओं ने चंदा जुटाकर क्षतिग्रस्त रास्ते को श्रमदान के माध्यम से सुधार दिया। इससे प्रशासन को आइना दिखाने का प्रयास किया गया।
पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से गांव के कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस पर चलना मुश्किल हो गया था। स्कूली बच्चों के साथ साथ अन्य लोगों के लिए भी रास्ते पर जान जोखिम में डाल कर चलना पड़ रहा था लेकिन खर्ककार्की ग्राम पंचायत का आधा हिस्सा नगर पालिका में और शेष भाग ग्राम पंचायत में शामिल है। इस कारण गांव की बस्ती को जोड़ने वाले क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत नहीं हो पा रही थी।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने पहले नगर पालिका में ज्ञापन देकर रास्ता ठीक करने की मांग की थी। फिर ग्राम पंचायत से भी गुहार लगाई थी लेकिन रास्ता सुधारने के लिए जरूरी कार्यवाही नहीं हो सकी।
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नगर पालिका और ग्राम पंचायत की उपेक्षा से त्रस्त क्षेत्र के लोगों ने आपस में चंदा एकत्र करने के साथ ही श्रमदान कर रास्ते की मरम्मत की। रविवार और सोमवार को स्थानीय निवासियों ने चंदा एकत्र किया और श्रमदान कर रास्ते को समतल कर दिया।
इसके बावजूद रास्ता पूरी तरह ठीक नहीं हो सका है। उन्होंने अन्य जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की मांग की है। सूरज बोहरा, पंकज, जितेंद्र, सूरज आदि ने श्रमदान किया। उन्होंने रास्ते को न सुधारने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से गांव के कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस पर चलना मुश्किल हो गया था। स्कूली बच्चों के साथ साथ अन्य लोगों के लिए भी रास्ते पर जान जोखिम में डाल कर चलना पड़ रहा था लेकिन खर्ककार्की ग्राम पंचायत का आधा हिस्सा नगर पालिका में और शेष भाग ग्राम पंचायत में शामिल है। इस कारण गांव की बस्ती को जोड़ने वाले क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत नहीं हो पा रही थी।
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स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने पहले नगर पालिका में ज्ञापन देकर रास्ता ठीक करने की मांग की थी। फिर ग्राम पंचायत से भी गुहार लगाई थी लेकिन रास्ता सुधारने के लिए जरूरी कार्यवाही नहीं हो सकी।
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नगर पालिका और ग्राम पंचायत की उपेक्षा से त्रस्त क्षेत्र के लोगों ने आपस में चंदा एकत्र करने के साथ ही श्रमदान कर रास्ते की मरम्मत की। रविवार और सोमवार को स्थानीय निवासियों ने चंदा एकत्र किया और श्रमदान कर रास्ते को समतल कर दिया।
इसके बावजूद रास्ता पूरी तरह ठीक नहीं हो सका है। उन्होंने अन्य जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की मांग की है। सूरज बोहरा, पंकज, जितेंद्र, सूरज आदि ने श्रमदान किया। उन्होंने रास्ते को न सुधारने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।