फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   road

भारी मलबे से राष्ट्रीय राजमार्ग में साढ़े तीन घंटे ठप रही आवाजाही

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2019 10:21 PM IST
विज्ञापन
road
किरोड़ा के ऊफान से खेतखेड़ा पैदल मार्ग में फंसी स्कूली छात्राएं। - फोटो : TANAKPUR
शनिवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग पर करीब साढ़े तीन घंटे तक आवाजाही ठप रही।
विज्ञापन

धौन, स्वांला, अमोड़ी, बेलखेत, टिपनटॉप और अमरूबैंड में आए भारी मलबे से वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पहाड़ी मार्ग को आने वाले वाहनों को टनकपुर ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
कार्यदायी ठेकेदार कंपनी की ओर से मार्ग खोलने के बाद वाहनों को टनकपुर से चंपावत की ओर भेजा गया। करीब 7.45 बजे से बंद सड़क 11 बजे बाद सुचारु हो सकी।
टिपनटॉप और अमरूबैंड के बीच भारी मलबे से सड़क सुबह छह बजे बंद हो गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने चंपावत और पिथौरागढ़ की तरफ आने वाले वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया।
विज्ञापन

टनकपुर एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि मलबा हटाकर सड़क जल्दी खोल दी गई थी लेकिन पहाड़ से जगह-जगह बोल्डरों के गिरने की सूचना पर सुरक्षा के लिहाज से वाहनों को सुबह नौ बजे तक ककरालीगेट बैरियर पर ही रोके रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उफनाए किरोड़ा और बाटनागाड़ में मलबे से पांच घंटे बंद रहा पूर्णागिरि मार्ग
टनकपुर (चंपावत)। पर्वतीय क्षेत्र की बारिश से किरोड़ा नाले के उफान पर आने और बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से शनिवार को पूर्णागिरि मार्ग करीब पांच घंटे बंद रहा। दोनों ओर फंसे यात्री और स्कूली छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ी।
कई छात्रों की गृह परीक्षाएं भी थीं लेकिन किरोड़ा के उफान से वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाए। आपदा प्रबंधन की त्वरित रिस्पोंस टीम (क्यूआरटी) और अग्निशमन कर्मियों की टीम नाले के दोनों ओर मौके पर तैनात रही। इन टीमों ने छात्रों को अपने वाहन से नाला पार करा कर स्कूल भेजा।
लगातार रुक-रुक कर हुई मूसलाधार बारिश आफत लेकर बरसी। शनिवार सुबह पर्वतीय क्षेत्र में हुई बारिश से नायकगोठ और थ्वालखेड़ा में किरोड़ा नाला उफान पर आ गया जिससे पूर्णागिरि मार्ग के गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क कटा रहा। नाले के दोनों ओर यात्री फंसे रहे। खेतखेड़ा पैदल मार्ग पर भी स्कूल के छात्र नाले के उस पार ही फंसे रहे।
वहीं बाटनागाड़ में करीब 30 मीटर सड़क का हिस्सा भारी मलबे से पट गया। किरोड़ा के उफान और बाटनागाड़ में मलबे से सुबह पांच बजे बंद हुआ पूर्णागिरि मार्ग सुबह दस बजे खुला। लोनिवि के सहायक अभियंता एपीएस बिष्ट ने बताया कि मार्ग बंद होते ही जेसीबी से मलबा हटाना शुरू कर दिया गया। सुबह दस बजे मलबा हटाकर मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया था।

दस आंतरिक सड़कें हुई बंद
अमोड़ी-छतकोट, स्याला-पोथ, धौन-सल्ली, हरम-रमैला, ककरालीगेट-ठूलीगाड़, सूखीढांग-डांडा-मीनार, मंच-नीड़, माकू-सुल्ला, धूनाघाट-बरमतोड़ा, रीठा-तलाड़ी।
चंपावत जिले की बारिश का आंकड़ा
चंपावत: 11 एमएम
लोहाघाट: 9 एमएम
पाटी: 8 एमएम
बनबसा: 77 एमएम

पूर्णागिरि मार्ग में ऊफनाया किरोड़ा रोखड़ और फंसे यात्री।

पूर्णागिरि मार्ग में ऊफनाया किरोड़ा रोखड़ और फंसे यात्री।- फोटो : TANAKPUR

पूर्णागिरि मार्ग के नायकगोठ रोखड़ में ऊफनाया किरोड़ा नाला और फंसे यात्री।

पूर्णागिरि मार्ग के नायकगोठ रोखड़ में ऊफनाया किरोड़ा नाला और फंसे यात्री।- फोटो : TANAKPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed