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शारदा की लहरों में रिवर राफ्टिंग के रोमांच का लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक
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टनकपुर में शारदा में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाते पर्यटक। (फाइल फोटो) विज्ञप्ति
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। शारदा की लहरों में एक बार फिर जल्द ही रिवर राफ्टिंग शुरू होगी। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने राफ्टिंग केंद्र संचालकों को अनुमति दे दी है। इसके बाद केंद्र संचालक राफ्टिंग शुरू कराने की तैयारी में जुट गए हैं। दो-तीन दिन में राफ्टिंग शुरू होने की उम्मीद है।
साहसिक पर्यटन विकास के तहत वर्ष 2015 में ऋषिकेश की तर्ज पर यहां शारदा में भी रिवर राफ्टिंग शुरू हुई। शुरुआती एक-दो साल पर्यटकों की संख्या कम रही, लेकिन धीरे-धीरे नेपाल, बरेली, लखनऊ, देहरादून, दिल्ली आदि दूरदराज से भी बड़ी संख्या में पर्यटक शारदा की लहरों में राफ्टिंग का लुत्फ उठाने आने लगे थे।
वर्ष 2019 तक पर्यटकों की संख्या खासी रही, लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना ने पर्यटन व्यवसाय की रफ्तार रोक दी। लाइफ इज एडवेंचर राफ्टिंग केंद्र के संचालक विनय अरोरा उर्फ मौनी बाबा ने बताया कि कोरोना से पूर्व 2019 के सीजन में उन्होंने करीब 1350 से ज्यादा पर्यटकों को राफ्टिंग कराई थी।
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इस वर्ष के शुरुआत में अनलॉक अवधि में भी 50 से 60 पर्यटकों ने राफ्टिंग की, लेकिन फिर लॉकडाउन से राफ्टिंग पर भी ब्रेक लग गया था। अब राफ्टिंग के शौकीन जल्द ही फिर शारदा की लहरों में रोमांच कर सकेंगे।
इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने 15 सितंबर से राफ्टिंग की अनुमति दे दी है। इस अनुमति की अवधि 30 जून 2022 तक होगी। इसलिए पर्यटकों को राफ्टिंग करवाने की तैयारी की जा रही है।
शारदा में रिवर राफ्टिंग आदि साहसिक पर्यटन के विकास की काफी संभावनाएं हैं। इस पर तेजी से काम करने की जरूरत है। पिछले सात सालों में धीरे-धीरे टनकपुर को राफ्टिंग के रूप में नई पहचान मिली है। देश के दूरदराज से पर्यटक राफ्टिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। नेपाल के भी कई पर्यटक यहां आकर राफ्टिंग के रोमांच का लुत्फ उठा चुके हैं।
- विनय अरोरा, राफ्टिंग कैंप संचालक, लाइफ इन एडवेंचर, टनकपुर।
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साहसिक पर्यटन विकास के तहत वर्ष 2015 में ऋषिकेश की तर्ज पर यहां शारदा में भी रिवर राफ्टिंग शुरू हुई। शुरुआती एक-दो साल पर्यटकों की संख्या कम रही, लेकिन धीरे-धीरे नेपाल, बरेली, लखनऊ, देहरादून, दिल्ली आदि दूरदराज से भी बड़ी संख्या में पर्यटक शारदा की लहरों में राफ्टिंग का लुत्फ उठाने आने लगे थे।
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वर्ष 2019 तक पर्यटकों की संख्या खासी रही, लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना ने पर्यटन व्यवसाय की रफ्तार रोक दी। लाइफ इज एडवेंचर राफ्टिंग केंद्र के संचालक विनय अरोरा उर्फ मौनी बाबा ने बताया कि कोरोना से पूर्व 2019 के सीजन में उन्होंने करीब 1350 से ज्यादा पर्यटकों को राफ्टिंग कराई थी।
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इस वर्ष के शुरुआत में अनलॉक अवधि में भी 50 से 60 पर्यटकों ने राफ्टिंग की, लेकिन फिर लॉकडाउन से राफ्टिंग पर भी ब्रेक लग गया था। अब राफ्टिंग के शौकीन जल्द ही फिर शारदा की लहरों में रोमांच कर सकेंगे।
इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने 15 सितंबर से राफ्टिंग की अनुमति दे दी है। इस अनुमति की अवधि 30 जून 2022 तक होगी। इसलिए पर्यटकों को राफ्टिंग करवाने की तैयारी की जा रही है।
शारदा में रिवर राफ्टिंग आदि साहसिक पर्यटन के विकास की काफी संभावनाएं हैं। इस पर तेजी से काम करने की जरूरत है। पिछले सात सालों में धीरे-धीरे टनकपुर को राफ्टिंग के रूप में नई पहचान मिली है। देश के दूरदराज से पर्यटक राफ्टिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। नेपाल के भी कई पर्यटक यहां आकर राफ्टिंग के रोमांच का लुत्फ उठा चुके हैं।
- विनय अरोरा, राफ्टिंग कैंप संचालक, लाइफ इन एडवेंचर, टनकपुर।