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रामलाल की पहचान हनुमान बुबु

Sat, 17 Oct 2015 10:32 PM IST
योगेश जोशी/अमर उजाला, चंपावत
योगेश जोशी/अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 17 Oct 2015 10:32 PM IST
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हनुमान बुबु आ गए! रामलाल को देखते ही खर्ककार्की गांव के बच्चे उन्हें इसी नाम से पुकारते है। ऐसा इसलिए क्योंकि रामलाल ने रामलीला में 38 साल तक हनुमान का लाजवाब अभिनय ही नहीं किया बल्कि हनुमान के किरदार को जिया है। हनुमान का पात्र उनकी रग-रग में इस तरह बस गया है कि अभिवादन में भी अब वो जय श्रीराम का ही प्रयोग करते हैं। उन्हें करीब से जानने वाले उनके अभिवादन का जवाब जय हनुमान कह कर देते हैं।

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रामलाल पटवा का रामलीला से गहरा नाता रहा है। महज नौ वर्ष से रामलीला में अभिनय करने का उनका सफर अगले 53 साल तक चला। 67 साल के रामलाल भले ही पिछले पांच वर्ष से हनुमान का रोल नहीं कर रहे हैं, लेकिन राम की लीला और हनुमान की अदाकारी उनके रोम-रोम में बसी है। बताते हैं कि 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार हनुमान का अभिनय किया था। वे कहते हैं कि जब वो हनुमान का अभिनय करते थे, तो लगता था जैसे उनके अंदर सचमुच में हनुमान बस गए हों। हनुमान के किरदार से पहले वे दो-दो साल सीता और राम तथा एक साल लक्ष्मण का रोल भी कर चुके हैं।
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हनुमान के किरदार को उन्होंने तल्लीहाट, मल्लीहाट, फुलारागांव, चौकी, डूंगरासेठी और बनलेख की रामलीला में निभाया है। पुराने दिनों को याद करते हुए वे बताते हैं कि उस समय के कलाकारों और आज के कलाकारों में खासा फर्क है। तबके कलाकार पूरी निष्ठा और समर्पण से अदाकारी करते थे। दो माह की कड़ी तालीम दी जाती थी। अब टीवी के अलावा मनोरंजन के अन्य साधन होने से लोगों की रामलीला के प्रति समर्पण कम देखने को मिल रहा है।
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जब कोई बुलाता ही नहीं, तो क्यों जाएं
रामलाल पुराने कलाकारों की अनदेखी से आहत हैं। ये पूछने पर कि उन्होंने रामलीला में जाना क्यों छोड़ दिया। मायूसी भरे अंदाज में उनके मुंह से निकला, आदर के चने भले। आगे बोले, जब कोई बुलाता ही नहीं, तो क्यों जाएं। हां, यदि कोई बुलाए तो वो अवश्य रामलीला में जाएंगे।


1300 रुपये मिलती हैं पेंशन

रोजिन एंड टरपनटाइन फैक्ट्री में आपरेटर के पद पर से रामलाल सात साल पूर्व रिटायर हो चुके हैं। बताते हैं कि उन्हें मात्र 1300 रुपये पेंशन मिलती है। परिवार में उनके अलावा तीन लड़के, एक लड़की और नाती-पोते हैं। दो वर्ष पूर्व उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है।

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