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Champawat News: मौसम की बेरुखी से रबी की फसल चौपट होने के कगार पर
Sat, 06 Apr 2024 11:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 06 Apr 2024 11:13 PM IST
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चंपावत। मौसम की बेरुखी का असर इस बार रबी की फसल पर देखने को मिल रहा है। काश्तकारों का कहना है कि रबी फसल पर अब बारिश का कोई फायदा नहीं होने वाला। गेहूं, जौं, चना, मटर, सरसों आदि की फसल बारिश नहीं होने से अच्छे उत्पादन की उम्मीद कम है।
रबी की बुआई अक्तूबर, नवंबर में की जाती है। करीब चार माह बाद अप्रैल में फसल लगभग पक कर तैयार हो जाती है। इस बार बारिश नहीं होने से किसानों को रबी की फसलों में नुकसान उठाना पड़ सकता है। गेहूं, जौं, आलू, चना, मसूर, अलसी, मटर और सरसों आदि रबी की फसल हैं। काश्तकार नवीन सिंह, प्रकाश सिंह, दीपक आदि का कहना है कि इस बार रबी की फसल का उत्पादन अच्छा होने की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं है। उन्होंने विभाग से फसलों का आंकलन कर मुआवजे देने की मांग की है।
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कोट
रबी की फसलों को पहले नमी और पकते समय खुश्क और गर्म तापमान की आवश्यकता होती है। आलू की फसल के लिए काश्तकारों के खेतों में नमी कम होने से इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। फसल लगाने के बाद से समय पर और पर्याप्त बारिश नहीं हुई है है। - टीएन पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी चंपावत।
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रबी की बुआई अक्तूबर, नवंबर में की जाती है। करीब चार माह बाद अप्रैल में फसल लगभग पक कर तैयार हो जाती है। इस बार बारिश नहीं होने से किसानों को रबी की फसलों में नुकसान उठाना पड़ सकता है। गेहूं, जौं, आलू, चना, मसूर, अलसी, मटर और सरसों आदि रबी की फसल हैं। काश्तकार नवीन सिंह, प्रकाश सिंह, दीपक आदि का कहना है कि इस बार रबी की फसल का उत्पादन अच्छा होने की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं है। उन्होंने विभाग से फसलों का आंकलन कर मुआवजे देने की मांग की है।
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कोट
रबी की फसलों को पहले नमी और पकते समय खुश्क और गर्म तापमान की आवश्यकता होती है। आलू की फसल के लिए काश्तकारों के खेतों में नमी कम होने से इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। फसल लगाने के बाद से समय पर और पर्याप्त बारिश नहीं हुई है है। - टीएन पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी चंपावत।
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