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पूर्णागिरि मेले का सातवां दिन
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:48 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में तीर्थयात्रियों की आवाजाही का सिलसिला लगातार बना हुआ है। बृहस्पतिवार को करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने मां पूर्णागिरि के दरबार में मत्था टेक पूजा-अर्चना की। प्रशासन अब चैत्र नवरात्रों पर उमड़ने वाली भीड़ से निपटने की तैयारियों में जुट गया है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम नरेश दुर्गापाल, सीओ आरएस रौतेला लगातार मेले की व्यवस्थाओं पर नजर रखे हुए हैं।
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होली के अगले दिन 25 मार्च से मां पूर्णागिरि धाम का मेला शुरू हो गया है। उत्तर भारत समेत देशभर से रोजाना हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बकौल मेला प्रशासन बृहस्पतिवार को भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही।
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तकरीबन 25 हजार से ज्यादा भक्तों ने मां के दरबार में मत्था टेका। मेले के शुरुआती चार दिनों में उमड़ी भारी भीड़ के बाद अब यात्रियों की आवाजाही कुछ घटी है। शारदीय नवरात्रों के साथ ही मां के दरबार में हर साल चैत्र नवरात्रों में भी भारी भीड़ उमड़ती है। चैत्र नवरात्र शुरू होने में सात दिन बाकी हैं और मेला प्रशासन अब नवरात्रों में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी बनाने में जुट गया है।
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि मेला शुरू होने के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के ब्रह्मदेव, महेंद्रनगर बाजारों में भी रौनक है। देवी पूर्णागिरि के दर्शन बाद श्रद्धालु शारदा में डुबकी लगा बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए नेपाल जा रहे हैं। मां पूर्णागिरि यात्रा को लेकर मान्यता है कि पूर्णागिरि के दर्शन उपरांत बाबा सिद्धनाथ के दर्शन से ही भक्तों की तीर्थयात्रा पूरी होती है और देवी उनकी मनोकामना पूरी करती हैं।