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ूर्णागिरि मेला: व्यवस्था में अडंगों ने पैदा की अनिश्चय की स्थिति

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2021 11:20 PM IST
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Purnagiri Fair: Irregularities created situation in the system
टनकपुर (चंपावत)। होली के बाद 31 मार्च से पूर्णागिरि मेला शुरू होगा। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। कोरोना के कारण इस बार मेले की अवधि तीन माह से घटाकर एक माह की गई है लेकिन कई अड़ंगों के कारण पुजारी और कारोबारी चिंतित हैं।
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जिला पंचायत 2010 से पहले की भांति मेले का संचालन जिला पंचायत को सौंपने की मांग कर रही है जबकि वन विभाग बूम पार्किंग स्थल की भूमि अपनी बता रहा है। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य न कराने की मांग की है। हालांकि मेला प्रशासन और मंदिर समिति आपसी सामंजस्य से हर अड़चन को दूर करने का दावा कर रही है। उनका कहना है कि कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने के बावजूद वर्ष 2019 की तरह ही मेला होगा लेकिन पुजारी और कारोबारी चिंतित हैं। इससे मेले की रौनक और कारोबार घटने की आशंका है।
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बाधा -1
वर्ष 2010 से पहले मेले का संचालन जिला पंचायत के पास था। तब मेले की ज्यादातर व्यवस्थाएं वन भूमि पर होतीं थीं, लेकिन नैनीताल निवासी डॉ. अजय रावत की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य रोकने के आदेश जारी किए। इस आदेश के अनुपालन से व्यवस्थाएं बदलनी पड़ी। बाल मुंडन, वाहन पार्किंग जैसे बड़ी आय के कई स्रोत बंद होने पर जिला पंचायत ने मेले के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। तब मेले की कमान प्रशासन, जिला पंचायत और मंदिर समिति ने संयुक्त रूप से संभाली। अब जिला पंचायत मेले का संचालन करने की फिर से मांग कर रही है। इसके लिए कोर्ट की शरण में जाने तक की चेतावनी दी गई है।
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बाधा-2
हाईकोर्ट के फैसले के बाद मेले में पार्किंग की समस्या पैदा हुई तो प्रशासन ने बूूम में जगह तलाश वाहन पार्किंग बनाई जो अब भी कायम है, लेकिन पार्किंग स्थल की भूमि को लेकर वन और राजस्व विभाग में विवाद की स्थिति है। पार्किंग स्थल को जहां राजस्व अपना बता रहा है, वहीं वन विभाग अपनी भूमि होने का दावा करता रहा है। इस बार फिर वन विभाग ने पार्किंग स्थल की भूमि को अपना बताते हुए मेला मजिस्ट्रेट को नोटिस तक दिया है।
बाधा-3
आरटीआई कार्यकर्ता दीपक भट्ट ने हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए मेले में वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य न करने की मांग कर मेला प्रशासन की परेशानी बढ़ाई है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा कि हाईकोर्ट ने वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य पर रोक लगाई है, लेकिन पूर्णागिरि मेले में वाहनों को जहां-तहां वन भूमि पर पार्किंग कर कोर्ट के आदेश की अनदेखी की जाती है। उन्होंने कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करा श्रद्धालुओं के वाहनों को टनकपुर में ही पार्किंग और स्थानीय यात्री वाहनों को ही टनकपुर से ठुलीगाड़, भैरव मंदिर तक चलाने की मांग की है।

कोट...
मेले की व्यवस्था पिछले वर्ष की भांति रहेगी। जिलाधिकारी की ओर से भी यही निर्देश मिले हैं। किसी तरह के असमंजस को आपसी सामंजस्य से दूर किया जाएगा। मेले को लेकर किसी भी तरह की अनिश्चय की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।
- हिमांशु कफल्टिया, मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम टनकपुर।
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