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Champawat News: पूर्णागिरि धाम की होगी सुरक्षा
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एनएच पर स्वांला के पास खतरे की जद में सरकारी स्कूल। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। पूर्णागिरि धाम मार्ग में भू-धंसाव रोकने के लिए डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने आठ सदस्यीय समिति का गठन किया है। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गठित समिति टनकपुर ककरालीगेट से पूर्णागिरि धाम तक पिछले पांच साल में हुए आपदा प्रबंधन और निर्माण से संबंधित कार्यों के ब्योरे के साथ बचाव के उपाय बताएगी। समिति को 31 जनवरी तक रिपोर्ट देनी होगी। पूर्णागिरि धाम में होली के बाद नौ मार्च से तीन महीने का सरकारी मेला होगा। इससे पूर्व सभी सुरक्षागत और अन्य व्यवस्थाओं को पुख्ता कर लिया जाएगा।
आपदा प्रबंधन के कार्य, अन्य निर्माण कार्य, भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट, ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क की वाहन क्षमता के आकलन के अलावा मंदिर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले उपायों का आकलन करेगी। टनकपुर के एसडीएम सुंदर सिंह, लोनिवि के ईई बीसी पंत, सिंचाई विभाग के ईई बीबी पांडेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा चौधरी, जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी, डीडीएमओ मनोज पांडेय के अलावा एक भूवैज्ञानिक समिति के सदस्य होंगे।
पूर्णागिरि धाम में कटौजिया के पास दरारों ने बढ़ाई चिंता
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम में भू-धंसाव ने चिंता बढ़ा दी है। यहां भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच कटौजिया क्षेत्र में दो जगह फर्श में दरारें आईं हैं। इस पैदल मार्ग पर कुछ समय पूर्व निर्माण कार्य भी कराया गया था लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद दरारें उभर आई हैं। जोशीमठ में भारी पैमाने पर हो रहे भू-धंसाव के बाद यहां भी लोगों में ऐसी दरारों को लेकर चिंता है। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने परीक्षण कर दरारों की मरम्मत का आग्रह किया है। मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
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बारहमासी सड़क के डेंजर जोन का मुआयना किया
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला और अमोड़ी क्षेत्र के भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र का भूगर्भ वैज्ञानिकों ने मुआयना किया। टीम ने यहां की मिट्टी के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेज दिए हैं। वहीं इस परीक्षण के बाद एसडीएम रिंकू बिष्ट ने भी खतरे वाले क्षेत्रों का मुआयना किया। स्वांला के लक्ष्मी दत्त, चंद्रमणि, खीमानंद का आरोप है कि उनके मकान खतरे की जद में होने के बावजूद उन्हें मुआवजे के रूप में कुछ नहीं मिला। उधर प्रशासन का कहना है कि पूर्व में हुए भूगर्भीय सर्वे में यह क्षेत्र खतरे की जद से बाहर हैं। अब दोबारा सर्वे कराया गया है।
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आपदा प्रबंधन के कार्य, अन्य निर्माण कार्य, भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट, ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क की वाहन क्षमता के आकलन के अलावा मंदिर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले उपायों का आकलन करेगी। टनकपुर के एसडीएम सुंदर सिंह, लोनिवि के ईई बीसी पंत, सिंचाई विभाग के ईई बीबी पांडेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा चौधरी, जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी, डीडीएमओ मनोज पांडेय के अलावा एक भूवैज्ञानिक समिति के सदस्य होंगे।
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पूर्णागिरि धाम में कटौजिया के पास दरारों ने बढ़ाई चिंता
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम में भू-धंसाव ने चिंता बढ़ा दी है। यहां भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच कटौजिया क्षेत्र में दो जगह फर्श में दरारें आईं हैं। इस पैदल मार्ग पर कुछ समय पूर्व निर्माण कार्य भी कराया गया था लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद दरारें उभर आई हैं। जोशीमठ में भारी पैमाने पर हो रहे भू-धंसाव के बाद यहां भी लोगों में ऐसी दरारों को लेकर चिंता है। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने परीक्षण कर दरारों की मरम्मत का आग्रह किया है। मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
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बारहमासी सड़क के डेंजर जोन का मुआयना किया
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला और अमोड़ी क्षेत्र के भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र का भूगर्भ वैज्ञानिकों ने मुआयना किया। टीम ने यहां की मिट्टी के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेज दिए हैं। वहीं इस परीक्षण के बाद एसडीएम रिंकू बिष्ट ने भी खतरे वाले क्षेत्रों का मुआयना किया। स्वांला के लक्ष्मी दत्त, चंद्रमणि, खीमानंद का आरोप है कि उनके मकान खतरे की जद में होने के बावजूद उन्हें मुआवजे के रूप में कुछ नहीं मिला। उधर प्रशासन का कहना है कि पूर्व में हुए भूगर्भीय सर्वे में यह क्षेत्र खतरे की जद से बाहर हैं। अब दोबारा सर्वे कराया गया है।

पूर्णागिरि धाम में भैरव मंदिर के पास कटौजिया में आई दरार। संवाद- फोटो : CHAMPAWAT

पूणार्रगिरि धाम में भैरव मंदिर के पास कटौजिया में आई दरार। संवाद- फोटो : CHAMPAWAT