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Champawat News: जीआईसी रमक में छात्राओं की काउंसलिंग करेंगे मनोचिकित्सक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Dec 2022 10:39 PM IST
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Psychiatrist will do counseling of girl students in GIC Ramak
पाटी/चंपावत। पाटी ब्लॉक के रमक जीआईसी में नवंबर के अंतिम सप्ताह में छात्राओं के रोने, चिल्लाने और कक्षाओं से भागने की घटना का बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लिया है। समिति के सदस्य राजू गड़कोटी ने शिक्षा विभाग से इस मामले में तत्काल ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को जीआईसी में इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई।
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रमक जीआईसी की 69 में से 39 छात्राएं नवंबर के अंतिम सप्ताह में अजीबोगरीब घटना की शिकार हुईं थीं। एकाएक सिरदर्द के बाद रोने, चिल्लाने और कक्षाओं से भागने की घटनाएं लगातार एक हफ्ते तक मध्यांतर के बाद हुईं। इसकी चपेट में हर दिन पांच से सात छात्राएं आतीं थीं। स्कूल प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग ने छात्राओं का चिकित्सकीय परीक्षण करने के साथ उनकी काउंसलिंग कर जागरूक किया।
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शुक्रवार को बाल कल्याण समिति ने घटना का संज्ञान लिया है। समिति के सदस्य राजू गड़कोटी ने बताया कि छात्राओं को काउंसलिंग के लिए हल्द्वानी, रुद्रपुर या किसी अन्य जिले में भेजना ठीक नहीं है। इसके बजाय स्कूल में ही काउंसलिंग कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से स्कूल में ही मनोचिकित्सक की व्यवस्था की जाएगी। अगले सप्ताह समिति का एक प्रतिनिधिमंडल स्कूल का दौरा करेगा।
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रमक जीआईसी में हुई घटना के बाद छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था। अब मनोचिकित्सकों से छात्राओं की काउंसलिंग कराई जाएगी। इस जिले में मनोचिकित्सक के नहीं होने से दूसरे जिले से व्यवस्था करने का मुख्य चिकित्साधिकारी से आग्रह किया जाएगा। साथ ही स्कूलों में नियमित अंतराल पर छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

-जितेंद्र सक्सेना, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत
पाटी में भी सामने आए थे इस तरह के मामले
पाटी (चंपावत)। रमक की तरह ही पाटी के एक स्कूल में भी कुछ समय पहले इस तरह के मामले सामने आए थे। पांच दिन में कुल 15 छात्राएं इसकी चपेट में आईं थीं। ये छात्राएं स्कूल परिसर में बने मंदिर के पास जाकर रोने- चिल्लाने लगती थीं। तब भी अभिभावकों ने पूजा-पाठ और देवडांगरों का सहारा लिया। साथ ही मामले को उजागर नहीं होने दिया।
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