फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Protest by Galla Vendors

प्रधानों का मानदेय बढ़ा रही सरकार लेकिन गल्ला विक्रेताअें को दिखा रही ठेंगा...

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 10:57 PM IST
विज्ञापन
Protest by Galla Vendors
चंपावत में प्रदर्शन करते सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
पिथौरागढ़/देवलथल/चंपावत/टनकपुर। मानदेय के लिए सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के तेवर तीखे हो गए हैं। गल्ला विक्रेताओं ने पूर्ति विभाग के गोदाम के पास धरना देकर मानदेय मांगा।
विज्ञापन

कहा कि इन परिस्थितियों में गल्ला विक्रेता राशन की दुकानों का संचालन करने में असमर्थ हैं। हड़ताल कर रहे सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने सोमवार को डीएसओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

एक अक्तूबर से हड़ताल पर चल रहे पिथौरागढ़ के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने गल्ला विक्रेता संघ अध्यक्ष मनोज पांडेय और महासचिव कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में धरना दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने विभिन्न योजनाओं के राशन ढुलान के भाड़े का भुगतान, 30 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की। कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। इनमें हेमंत सिंह, मनोज कापड़ी, ललित सिंह महर, विजय कापड़ी, विनोद जोशी, पीतांबर दत्त, भूपाल दत्त, संतोष पंत आदि गल्ला विक्रेता शामिल रहे। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से राशन वितरण का कार्य ठप पड़ा है।
देवलथल के सत्ता गल्ला विक्रेताओं ने समस्याएं न सुलझने पर रोष जताया। इस मौके पर नरेंद्र सिंह, श्याम सिंह, भरत सिंह, मोहन चंद्र पांडेय, नवीन चंद्र, आन सिंह, भरत सिंह चौहान, बबलू शर्मा आदि रहे।
चंपावत के गल्ला विक्रेता संघ ने सरकारी योजनाओं को जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वयन के बावजूद कोई सुविधा न देने का आरोप लगाया है। कहा कि ग्राम प्रधानों के मानदेय को सरकार बढ़ा रही है, जबकि उन्हें मानदेय देने पर विचार तक नहीं किया जा रहा है।
संगठन ने 30 हजार रुपये मासिक मानदेय न देने पर आंदोलन का स्वरूप बदलने की चेतावनी दी है। बाला दत्त जोशी, पूरन सिंह रावत, नित्यानंद भट्ट, मोहन राम, नीरज सामंत, खिलानंद थ्वाल, नंदन सिंह तड़ागी आदि ने धरना दिया। वहीं मंच और लोहाघाट क्षेत्र में भी धरना जारी रहा।
मानदेय के लिए आंदोलित सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने टनकपुर के आरएफसी गोदाम में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वरिष्ठ विक्रेता लक्ष्मण सिंह पाटनी के नेतृत्व में सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने मांग के समर्थन में नारेबाजी की। इनमें चर्चित शर्मा, अशोक कलखुड़िया, भुवन राम, ललित चंद, देवेंद्र सामंत, चंद्रमोहन धानिक, जगदीश जोशी, हीरा चंद आदि थे।

मनाने का प्रयास कर रहा प्रशासन
चंपावत। गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल का सरकारी खाद्यान्न वितरण पर असर पड़ रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी देख रहे सीएओ राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि हड़ताल से 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले अन्न उत्सव पर असर पड़ने का खतरा है। इसके मद्देनजर प्रशासन गल्ला विक्रेताओं को हड़ताल वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है। अन्न उत्सव के तहत अंत्योदय श्रेणी के 5870 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 29063 राशनकार्ड धारकों को 10-10 किलो निशुल्क राशन दिया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed