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प्रधानों का मानदेय बढ़ा रही सरकार लेकिन गल्ला विक्रेताअें को दिखा रही ठेंगा...
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चंपावत में प्रदर्शन करते सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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पिथौरागढ़/देवलथल/चंपावत/टनकपुर। मानदेय के लिए सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के तेवर तीखे हो गए हैं। गल्ला विक्रेताओं ने पूर्ति विभाग के गोदाम के पास धरना देकर मानदेय मांगा।
कहा कि इन परिस्थितियों में गल्ला विक्रेता राशन की दुकानों का संचालन करने में असमर्थ हैं। हड़ताल कर रहे सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने सोमवार को डीएसओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
एक अक्तूबर से हड़ताल पर चल रहे पिथौरागढ़ के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने गल्ला विक्रेता संघ अध्यक्ष मनोज पांडेय और महासचिव कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में धरना दिया।
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उन्होंने विभिन्न योजनाओं के राशन ढुलान के भाड़े का भुगतान, 30 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की। कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। इनमें हेमंत सिंह, मनोज कापड़ी, ललित सिंह महर, विजय कापड़ी, विनोद जोशी, पीतांबर दत्त, भूपाल दत्त, संतोष पंत आदि गल्ला विक्रेता शामिल रहे। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से राशन वितरण का कार्य ठप पड़ा है।
देवलथल के सत्ता गल्ला विक्रेताओं ने समस्याएं न सुलझने पर रोष जताया। इस मौके पर नरेंद्र सिंह, श्याम सिंह, भरत सिंह, मोहन चंद्र पांडेय, नवीन चंद्र, आन सिंह, भरत सिंह चौहान, बबलू शर्मा आदि रहे।
चंपावत के गल्ला विक्रेता संघ ने सरकारी योजनाओं को जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वयन के बावजूद कोई सुविधा न देने का आरोप लगाया है। कहा कि ग्राम प्रधानों के मानदेय को सरकार बढ़ा रही है, जबकि उन्हें मानदेय देने पर विचार तक नहीं किया जा रहा है।
संगठन ने 30 हजार रुपये मासिक मानदेय न देने पर आंदोलन का स्वरूप बदलने की चेतावनी दी है। बाला दत्त जोशी, पूरन सिंह रावत, नित्यानंद भट्ट, मोहन राम, नीरज सामंत, खिलानंद थ्वाल, नंदन सिंह तड़ागी आदि ने धरना दिया। वहीं मंच और लोहाघाट क्षेत्र में भी धरना जारी रहा।
मानदेय के लिए आंदोलित सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने टनकपुर के आरएफसी गोदाम में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वरिष्ठ विक्रेता लक्ष्मण सिंह पाटनी के नेतृत्व में सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने मांग के समर्थन में नारेबाजी की। इनमें चर्चित शर्मा, अशोक कलखुड़िया, भुवन राम, ललित चंद, देवेंद्र सामंत, चंद्रमोहन धानिक, जगदीश जोशी, हीरा चंद आदि थे।
मनाने का प्रयास कर रहा प्रशासन
चंपावत। गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल का सरकारी खाद्यान्न वितरण पर असर पड़ रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी देख रहे सीएओ राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि हड़ताल से 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले अन्न उत्सव पर असर पड़ने का खतरा है। इसके मद्देनजर प्रशासन गल्ला विक्रेताओं को हड़ताल वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है। अन्न उत्सव के तहत अंत्योदय श्रेणी के 5870 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 29063 राशनकार्ड धारकों को 10-10 किलो निशुल्क राशन दिया जाना है।
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कहा कि इन परिस्थितियों में गल्ला विक्रेता राशन की दुकानों का संचालन करने में असमर्थ हैं। हड़ताल कर रहे सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने सोमवार को डीएसओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
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एक अक्तूबर से हड़ताल पर चल रहे पिथौरागढ़ के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने गल्ला विक्रेता संघ अध्यक्ष मनोज पांडेय और महासचिव कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में धरना दिया।
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उन्होंने विभिन्न योजनाओं के राशन ढुलान के भाड़े का भुगतान, 30 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की। कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। इनमें हेमंत सिंह, मनोज कापड़ी, ललित सिंह महर, विजय कापड़ी, विनोद जोशी, पीतांबर दत्त, भूपाल दत्त, संतोष पंत आदि गल्ला विक्रेता शामिल रहे। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से राशन वितरण का कार्य ठप पड़ा है।
देवलथल के सत्ता गल्ला विक्रेताओं ने समस्याएं न सुलझने पर रोष जताया। इस मौके पर नरेंद्र सिंह, श्याम सिंह, भरत सिंह, मोहन चंद्र पांडेय, नवीन चंद्र, आन सिंह, भरत सिंह चौहान, बबलू शर्मा आदि रहे।
चंपावत के गल्ला विक्रेता संघ ने सरकारी योजनाओं को जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वयन के बावजूद कोई सुविधा न देने का आरोप लगाया है। कहा कि ग्राम प्रधानों के मानदेय को सरकार बढ़ा रही है, जबकि उन्हें मानदेय देने पर विचार तक नहीं किया जा रहा है।
संगठन ने 30 हजार रुपये मासिक मानदेय न देने पर आंदोलन का स्वरूप बदलने की चेतावनी दी है। बाला दत्त जोशी, पूरन सिंह रावत, नित्यानंद भट्ट, मोहन राम, नीरज सामंत, खिलानंद थ्वाल, नंदन सिंह तड़ागी आदि ने धरना दिया। वहीं मंच और लोहाघाट क्षेत्र में भी धरना जारी रहा।
मानदेय के लिए आंदोलित सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने टनकपुर के आरएफसी गोदाम में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वरिष्ठ विक्रेता लक्ष्मण सिंह पाटनी के नेतृत्व में सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने मांग के समर्थन में नारेबाजी की। इनमें चर्चित शर्मा, अशोक कलखुड़िया, भुवन राम, ललित चंद, देवेंद्र सामंत, चंद्रमोहन धानिक, जगदीश जोशी, हीरा चंद आदि थे।
मनाने का प्रयास कर रहा प्रशासन
चंपावत। गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल का सरकारी खाद्यान्न वितरण पर असर पड़ रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी देख रहे सीएओ राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि हड़ताल से 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले अन्न उत्सव पर असर पड़ने का खतरा है। इसके मद्देनजर प्रशासन गल्ला विक्रेताओं को हड़ताल वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है। अन्न उत्सव के तहत अंत्योदय श्रेणी के 5870 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 29063 राशनकार्ड धारकों को 10-10 किलो निशुल्क राशन दिया जाना है।