{"_id":"9523b7be75c6028750eca3bd134fdaa1","slug":"principal-yadav-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छुट्टी में भी छात्रों को पढ़ाते हैं प्रधानाचार्य डा.यादव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छुट्टी में भी छात्रों को पढ़ाते हैं प्रधानाचार्य डा.यादव
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमतौर पर सरकारी नौकरी के प्रति जिम्मेदारी लगातार कम हो रही है, मगर कुछ सरकारी मुलाजिम इसके अपवाद भी है। मंच जीआईसी के प्रभारी प्रधानाचार्य डा.इंद्रसेन यादव रविवार के अवकाश के दिन भी बच्चों को पढ़ाते हैं। वहीं टेप रिकार्ड और वीसीडी के जरिए भी बच्चों को सिखाते हैं और अब उनके इस उम्दा काम को मान्यता भी मिली है।
विज्ञापन
अमूमन सरकारी विभागों में अवकाश तो दूर, सामान्य दिनों में भी काम के नाम पर रस्म अदायगी ज्यादा होती है, लेकिन प्रधानाचार्य डा.इंद्रसेन यादव की प्रेरणा से मंच के शिक्षक और अन्य कर्मी भी रविवार को भी काम करते हैं। सीमांत क्षेत्र के इंटर कॉलेज की यह पहल आसपास के अन्य स्कूलों के लिए आदर्श बनी है। छात्र-छात्राओं की अतिरिक्त क्लासें संचालित करते हैं। प्रधानाचार्य डा.यादव का कहना है कि दूरदराज के छात्रों को सुविधा नहीं मिलने से अधिक मेहनत की जरूरत होती है। इसके चलते रविवार या दूसरे अवकाश के दिनों में नौनिहालों के भविष्य को संवारने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं के रूप में पढ़ाने की पहल की गई है।
विज्ञापन
उनकी इस मुहिम को शिक्षक गिरीश नाथ, वरिष्ठ सहायक मोहन ढेक, गेस्ट टीचर अशोक कुमार, मनोज सिंह आदि का साथ मिला और यह मुहिम एक आदर्श पहल बन गई। ग्राम प्रधान पूजा महर सहित अन्य अभिभावकों का कहना है कि वह जब भी स्कूल के निरीक्षण को पहुंचे तो अवकाश होने के बावजूद विद्यालय में सामान्य दिनों की तरह पढ़ाई होता देख काफी खुशी हुई।
विज्ञापन
डा.यादव को आज मिलेगा शैलेश मटियानी पुरस्कार
तल्लादेश क्षेत्र के मंच राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डा.इंद्रसेन यादव को 2014 का शैलेश मटियानी राज्य पुरस्कार मिलेगा। बृहस्पतिवार को उन्हें देहरादून में इस सम्मान से नवाजा जाएगा। इसके लिए डा.यादव बुधवार को दून रवाना हो गए हैं। पुरस्कार में उन्हें दस हजार रुपये नगद, प्रशस्ति पत्र मिलेगा। साथ ही दो वर्ष का सेवा विस्तार दिया जाएगा। शिक्षक सुरेश राम आर्य, गिरीशनाथ, जगमोहन कुमार, जगदीश जोशी, रुद्र सिंह बोहरा, शंकर गिरि आदि ने खुशी जताई है।