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चंपावत, लोहाघाट में बारिश से तैयारियों की पोल खुली 

Tue, 25 Jun 2019 11:35 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Tue, 25 Jun 2019 11:35 PM IST
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Prepare the pole of rain in Champawat, Lohaghat
बारिश के चलते चंपावत के गोरलचौड़ क्षेत्र में बहता पानी। - फोटो : अमर उजाला
   चंपावत और लोहाघाट में दूसरे दिन भी तेज बारिश हुई। मानसून की तैयारियों के बीच दूसरे दिन की बारिश ने ही प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। करीब आधे घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से रोड पर पानी से लेकर नाले तक उफान में आ गए। बारिश से तापमान में भी गिरावट आ गई है। मंगलवार का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा।
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मंगलवार को दोपहर में एकाएक झमाझम बारिश होने से लोहावती नदी और कई नाले उफान पर आ गए। नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों में बहने लगा। जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वन क्षेत्राधिकारी हेम गहतोड़ी और दीप  जोशी ने बताया कि क्षेत्र में हो रही बारिश से जंगलों में लगी आग बुझ हो गई है। वहीं जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से जल स्रोतों में मामूली इजाफा हुआ है। इधर सहायक विकास अधिकारी (उद्यान) भूपेंद्र प्रकाश जोशी, एमएस रावत ने बताया कि यह बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। बारिश से शिमला मिर्च, बैगन, टमाटर, हरी मिर्च, बंद गोभी, कद्दू, ककड़ी, तुरई, करेले के पौधों में तेजी से वृद्धि होगी। 
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चंपावत जिले में बारिश का आकड़ा: 
चंपावत:14 मिलीमीटर 
लोहाघाट:7 मिलीमीटर 
पाटी:06 मिलीमीटर 
बनबसा:18 मिलीमीटर


किसानों ने शुरू की धान की रोपाई
बनबसा (चंपावत)। बनबसा क्षेत्र में बारिश के बाद किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी। यह बारिश बागानों के लिए लाभदायक बताई जा रही है। बनबसा क्षेत्र में सोमवार से मंगलवार सुबह तक 18 एमएम बारिश हुई। शारदा बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया क्षेत्र में अब तक 82 एमएम बारिश हो चुकी है। पिछले साल इस समय तक 133 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई थी। मंगलवार को शारदा नदी का जलस्तर 16300 क्यूसेक रहा। इन दिनों शारदा बैराज से शारदा नहर को 10525 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि नहर की क्षमता 11500 क्यूसेक है। इन दिनों नेपाल चैनल को उनकी मांग पर 961 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। नेपाल चैनल की क्षमता एक हजार क्यूसेक है। प्रगतिशील किसान पुष्कर कापड़ी और हेमेंद्र सिंह रावत ने इस वर्षा को किसानों के लिए वरदान बताया है। बागान ठेकेदार शकील अहमद मंसूरी और जावेद खान ने बारिश को बागानों के लिए फायदेमंद बताया। ब्यूरो
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