फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Positive news

इनसे सीखो :भैरव के भगीरथ प्रयास से बुझी रायनगर चौड़ी की प्यास

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
Positive news
लोहाघाट के रायनगर चौड़ी में पूर्व बीडीसी सदस्य भैरव राय द्वारा अपने प्रयासों से पहुंचाई गई पेयज? - फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट से लगी आदर्श ग्राम पंचायत रायनगर चौड़ी मिसाल बनी है। जो काम सरकारी योजना न कर सकी उसे यहां के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भैरव राय ने कर दिखाया। उनकी पहल का नतीजा यह हुआ कि पानी को तरसने वाले इस गांव में अब पेयजल की कोई कमी नहीं है। यह सब उन्होंने स्रोत से तीन किलोमीटर 100 मीटर लंबी प्लास्टिक पाइप लाइन बिछा कर किया। डेढ़ लाख रुपये के अलावा ग्रामीणों के श्रमदान से इस काम को अंजाम दिया गया। भैरव के भगीरथ प्रयासों से गांव में चौबीस घंटे पानी की सुविधा है।
विज्ञापन

800 से अधिक आबादी वाले रायनगर चौड़ी गांव में पानी के संकट के चलते ग्रामीण देर रात तक नौलों में बारी लगाकर पानी भरने को मजबूर रहते थे। ये हाल तब था जब यहां के लिए बनाई गई सरकारी योजना फेल हो गई। इस दिक्कत को देख दो साल पूर्व भैरव राय ने कुछ करने की ठानी। राय बताते हैं कि उनकी मां राजेश्वरी देवी की प्रेरणा से स्वर्गीय पिता सूबेदार प्रेमबल्लभ राय की स्मृति में उन्होंने इस समस्या के समाधान करने का संकल्प लिया। उन्होंने तीन स्रोतों से गांव तक पानी पहुंचाने का डिजाइन तैयार किया।
विज्ञापन

बनगांव तोक से 800 मीटर लंबे प्लास्टिक पाइपों से नंगरा, मल्लीकुडी व डांग तोक, नर्सरी गधेरे से 700 मीटर लंबी पाइप लाइन के जरिए छाना व जुगानीपानी तोक तथा खालेधार तोक से 600 मीटर लंबी पाइप लाइन से गाड़ेकूड़ी तोक में पानी पहुंचाया। इसके अलावा देवराड़ी बैंड में रहने वाले इकलौते परिवार को एक किमी लंबी पाइपलाइन मेलकूना तोक से पहुंचाकर उनकी प्यास को बुझाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जवाब दे गईं दोनों सरकारी योजनाएं
लोहाघाट (चंपावत)। जल संस्थान ने रायनगर चौड़ी गांव के लिए 20 साल पूर्व बनगांव और बलांई से दो पेयजल योजनाएं बनाई गई हैं। गर्मी शुरू होते ही ये योजनाएं जवाब दे देती थीं। ग्रामीणों को आधा घंटा भी पानी नहीं मिल पाता है।
भैरव राय के प्रयासों से उनके नंगरा तोक में पानी पहुंचने से लोगों को पेयजल किल्लत से निजात मिली है। अब यहां के लोगों को नौलों, गधेरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। हरीश कापड़ी।
गर्मी शुरू होते ही गांव के लिए पेयजल किल्लत गंभीर चुनौती होती थी। रात में लालटेन के सहारे लोग नौलों में नंबर लगाकर पानी भरते थे, पर अब चौबीस घंटे पानी मिल रहा है। जनार्दन राय।
गांव में निजी प्रयासों से पेयजल लाइन पहुंचाना जल दान से कम नहीं। भैरव राय ने पेयजल की व्यवस्था कर ग्रामीणों की पानी को लेकर चिंता खत्म कर दी है। पूरन चंद्र राय, सेवानिवृत्त शिक्षक।

जो काम दो सरकारी योजनाएं नहीं कर सकी, वह काम मजबूत इच्छा शक्ति के साथ एक व्यक्ति ने कर दिखाया। ऐसे प्रयास समाज को प्रेरणा देने में मददगार होते हैं। जितेंद्र राय, ग्राम प्रधान।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed