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ठुलीगाड़ से पैदल जाने के लिए मजबूर हुए श्रद्धालु

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 10:54 PM IST
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Poornagiri Mela in Tanakpur
देवी दर्शन करने के बाद मां पूर्णागिरि दरबार से लौटते श्रद्धालु। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : TANAKPUR
पूर्णागिरि धाम/टनकपुर (चंपावत)। हरदोई, लखनऊ, लखीमपुर, शाहजहांपुर, संभल, पीलीभीत आदि जगहों से मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालु अपनी कार-जीप होने के बावजूद ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक पैदल यात्रा करने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन इन श्रद्धालुओं को ठुलीगाड़ से आगे जाने की इजाजत नहीं दे रहा है। निजी कारों को सोमवार को दिनभर ठुलीगाड़ से आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई जबकि नवरात्र के दूसरे दिन से धाम आने वाले श्रद्धालुओं की तादात में भी कमी आई है। ठुलीगाड़ से आगे भैरव मंदिर की पार्किंग में सन्नाटा पसरा रहा। वाहनों को ठुलीगाड़ से आगे न जाने देने से मंदिर समिति और व्यापारियों ने नाराजगी जताई है।
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नवरात्र के तीसरे दिन बमुश्किल 15 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए लेकिन अपनी कार और अन्य छोटे वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को ठुलीगाड़ से आगे नहीं जाने दिया गया। पार्किंग शुल्क देने के बावजूद इन श्रद्धालुओं को अपने वाहनों को ठुलीगाड़ के करीब टनकपुर-जौलजीबी रोड पर खड़ा करना पड़ा। ठुलीगाड़ से सात किमी दूर भैरव मंदिर तक इन यात्रियों में से ज्यादातर पैदल जाने को मजबूर हुए। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं कुछ श्रद्धालु जीप से भी आगे बढ़े।
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सड़क किनारे पार्क हो रहे वाहन, पार्किंग शुल्क के नाम पर लूट
पूर्णागिरि धाम/टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले में ठुलीगाड़ तक पार्किंग स्थल की कमी है, लेकिन पार्किंग शुल्क के नाम पर लूट हो रही है। मेला क्षेत्र में 12 घंटे पार्क करने का 150 रुपये शुल्क लिया जा रहा है लेकिन वाहनों को पार्क करने का इंतजाम ठीक नहीं है। ठुलीगाड़ के अलावा वहां से चार किमी पहले बूम, डेढ़ किमी पहले बावलीगाड़ में सड़क किनारे वाहन पार्क किए जा रहे हैं। रहे-सहे वाहन टनकपुर-जौलजीबी सड़क के किनारे खड़े किए जा रहे हैं।
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वे नियमित रूप से आस्था के धाम आते रहे, लेकिन इस बार ठुलीगाड़ से आगे जाना परेशानी भरा रहा। कार न जाने देने से दिक्कत आई। - रिंकू, श्रद्धालु, संभल।
शाहजहांपुर से देवी दर्शन के लिए पहली बार आना हुआ, लेकिन रास्ते में अनुभव अच्छे नहीं रहे। मुश्किल से गर्मी के बीच पैदल रास्ता पार किया। - प्रमोद, श्रद्धालु, शाहजहांपुर।
मां के धाम आने की हसरत जरूर पूरी हुई, लेकिन रास्ते में कई अड़चनें भी आईं। ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक कार चलने की अनुमति दी जानी चाहिए। - अशोक, श्रद्धालु, फर्रुखाबाद।
आस्था के धाम में ऐसी अव्यवस्था और लूट ठीक नहीं। सड़क से वाहनों को ठुलीगाड़ से आगे नहीं जाने देना किसी भी रूप में ठीक नहीं है। - संतोष, श्रद्धालु, हरदोई।
क्या कहते हैं अधिकारी
ठुलीगाड़ से आगे कार और अन्य छोटे निजी वाहनों को जाने की सशर्त अनुमति है। भैरव मंदिर की पार्किंग में जगह होने और अत्यधिक भीड़ न होने पर कारों को न रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अगर इसके बावजूद ठुलीगाड़ में कारों को आगे नहीं जाने दिया गया, तो मामले को दिखवा कर कार्रवाई की जाएगी। - देवेंद्र पींचा, एसपी, चंपावत।

क्या कहते हैं मंदिर समिति अध्यक्ष
आस्था के धाम में श्रद्धालुओं को अच्छी और अधिक सुविधाएं दी जानी चाहिए लेकिन श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी हो रही है। ठुलीगाड़ से आगे कारों को जाने की अनुमति नहीं देना गलत है। इसके लिए प्रशासन से वार्ता की जाएगी। - पंडित किशन तिवारी, अध्यक्ष, मंदिर समिति।
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