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पूर्णागिरि धाम की पेयजल व्यवस्था बदहाल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 11:24 PM IST
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Poornagiri Dham's drinking water system is in bad shape
पेयजल स्रोत और लाइन के टूटने से पूर्णागिरि धाम में इस तरह सूख गई पाइप लाइन। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। शारदीय नवरात्र बस 15 दिन दूर है लेकिन आस्था के धाम मां पूर्णागिरि धाम की पेयजल व्यवस्था अब तक सुचारु नहीं हो सकी है। कई स्थानों पर पेयजल लाइनें टूटी हैं। पूर्णागिरि मंदिर समिति ने डीएम और जल संस्थान के अधिकारियों को पत्र भेजकर एक सप्ताह में पेयजल लाइन ठीक करने की मांग की है।
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पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में निगालीगाड़, ठुंगागाड़ और भवानीगाड़ से आपूर्ति होती है लेकिन सात से आठ किमी दूर के स्रोत से आई लाइन बरसात में कई जगह बुरी तरह टूट गई हैं। इसके चलते धाम और आसपास के गांवों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। अब 26 सितंबर से शारदीय नवरात्र भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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मंदिर समिति की मांग
-निगाली, ठुंगा और पूर्णागिरि तीनों योजनाओं का पुनर्गठन किया जाए।
-पेयजल वितरण करने वाली पुरानी लाइनों को नालों के बजाय कम जोखिम वाले स्थानों से लाया जाए।
-पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में लामाबैंड के आसपास प्याऊ और स्टैंडपोस्ट वाली लाइन की मरम्मत की जाए।
-भैरव मंदिर से हनुमान चट्टी के बीच प्याऊ की व्यवस्था के लिए पूर्व में निर्मित हैंडपंप में सोलर प्लेट लगाए जाएं।
-ठुलीगाड़ से बूम तक पेयजल की कारगर व्यवस्था के लिए बाबलीगाड़ के आसपास टैंक निर्माण कर स्थायी समाधान किया जाए।
मां पूर्णागिरि धाम में 26 सितंबर से शुरू शारदीय नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं लेकिन स्रोतों के आसपास बरसात में टूटी पेयजल लाइन से पानी की आपूर्ति ठप है। तुरंत मरम्मत न होने पर तैयारियों के साथ ही मेले की व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। -पंडित किशन तिवारी, अध्यक्ष, पूर्णागिरि मंदिर समिति।
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बरसात में पूर्णागिरि क्षेत्र की योजना के 25 पाइप टूट गए हैं। क्षतिग्रस्त लोहे के टूटे पाइपों के स्थान पर अब एचडीपीई (लचीला प्लास्टिक पाइप) लगाने के लिए अपर सहायक अभियंता को कहा गया है। पांच दिन में ये काम पूरा करा लिया जाएगा। -विलाल यूनुस, ईई, जल संस्थान, चंपावत।
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