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पॉलीटेक्निक की पेयजल योजना कूड़े से तबाह

Sun, 21 Aug 2016 09:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत) Updated Sun, 21 Aug 2016 09:21 PM IST
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Polytechnique ravaged litter drinking water scheme
पॉलीटेक्निक की पेयजल योजना कूड़े से तबाह - फोटो : अमर उजाला
 शहर का कूड़ा शंखपाल के पास डालने का असर अब पेयजल योजनाओं पर भी पड़ रहा है। राजकीय पॉलीटेक्निक की पेयजल योजना के अलावा लोहाघाट नगर की बनस्वाड़ पेयजल योजनाएं कूड़े से पट गई। पिछले दिनों हुई बारिश से योजनाएं ध्वस्त होने से पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है। इससे छात्र-छात्राओं के अलावा आवासीय कालोनियों में रहने वाले शिक्षकों और छात्रों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया है।
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रविवार को पॉलीटेक्निक के प्राचार्य गोविंद बल्लभ, कमलेश कुमार, बीडी  जुकरिया, डीके शर्मा, आरडी राजभर, संजय कुमार, अनिल रौतेला, सोनू कुमार आदि ने विद्यालय के पेयजल स्रोत का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया।
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प्राचार्य ने बताया कि पेयजल स्रोत और करीब 400 मीटर पाइप लाइन ध्वस्त हुई है। इससे संस्था के 450 छात्र-छात्राओं के अलावा आवासीय छात्रावास में रहने वाले 100 छात्र-छात्राओं और यहां के शिक्षकों के 20 परिवारों के सामने गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। मूल स्रोत के टैंक के पास एक गधेरा पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। और दूसरे गधेरे के पानी के मार्ग में भारी मात्रा में कूड़ा एकत्र हो गया है, जिससे आगे की ओर जाने वाला पानी दूषित होकर बह रहा है।
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पिछले दिनों हुई तेज बारिश से गधेरे में करीब 15 फीट गहरी खाई हो गई है। इस स्थान के कई पेड़ उखड़ गए हैं। इस तबाही से पेयजल व्यवस्था के ठीक होने के आसार कम नजर आ रहे हैं। ऐसे में यहां के लिए नई वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी है। प्राचार्य का कहना है कि स्रोत पर संकट के बावजूद नगर पंचायत अभी भी इस स्थान पर शहर का कूड़ा फेंक रही है।


कूड़ा स्थल हटाने के लिए फिर होगा आंदोलन
कई वर्षों से कूड़ा स्थल को हटाने की मांग कर रहे चौमेल क्षेत्र के बीडीसी सदस्य दिवान सिंह बिष्ट ने बताया कि भूस्खलन से छतोली, चौमेल को जाने वाली पेयजल योजना भी ध्वस्त हो गई है। कई बार नगर पंचायत से कहने के बाद भी वह मनमानी पर उतर आई है। एक बार नगर पंचायत ने शंखपाल के पास कूड़ा डालना बंद किया, तो उन्होंने क्षेत्रवासियों की सहमति से कूड़ा स्थल पर पार्क बनाने के मकसद से मिट्टी भी डलवाई। लेकिन नगर पंचायत ने फिर से वहां कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। अब वहां पर सड़क मार्ग के धंसने का भी खतरा पैदा हो गया है। प्रधान उमेद सिंह, अशोक सिंह, नरेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, चांद बोहरा, हरिदत्त पुनेठा आदि ने कहा है कि ग्रामीण मामले की जिला प्रशासन से शिकायत करेंगे। समाधान नहीं होने पर हाईवे जाम करने की चेतावनी दी गई है।

कुछ ही दिन दूसरी जगह पर डाला गया कूड़ा
नगर पंचायत सालों से शंखपाल के पास कूड़ा डाल रही है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद नगर पंचायत ने मेला खाल नामक स्थान में कूड़ास्थल बनाकर वहां कूड़ा डालना शुरू कर दिया। बाद में इसका भी विरोध हुआ। नगर पंचायत ने फिर से शंखपाल में कूड़ा फेंका जा रहा है।


कूड़े से पॉलीटेक्निक और लोहाघाट नगर की बनस्वाड़ पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई थी। बनस्वाड़ पेयजल योजना को वैकल्पिक तौर पर चालू कर दिया गया है। पॉलीटेक्निक की लाइन चालू होने में कुछ समय लगेगा।
- पवन बिष्ट जूनियर इंजीनियर, जल संस्थान, लोहाघाट।
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