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जिम्मेदारियां अधिक, सुविधा सिफर
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा
Updated Wed, 18 Nov 2015 10:47 PM IST
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भारत-नेपाल सीमा पर स्थित संवेदनशील शारदा बैराज चौकी की स्थिति खासी दयनीय है। जिम्मेदारियां अधिक हैं, परंतु सुविधा सिफर। चौकी का न तो अपना भवन है, नहीं वाहन सुविधा। उस पर यूपी सिंचाई विभाग के स्वामित्व वाली राष्ट्रीय धरोहर शारदा बैराज की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इसी चौकी के हवाले है।
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शारदा बैराज चौकी को 12 दिसंबर 2011 में रिपोर्टिंग चौकी का दर्जा मिला। इससे पहले यह वाच एंड वार्ड (देखरेख) चौकी थी। दो छोटे से कमरों में रिपोर्टिंग चौकी संचालित हो रही है। फोर व्हीलर तो दूर दोपहिया वाहन भी चौकी में नहीं है। संवेदनशील नेपाल सीमा और बड़े क्षेत्र की कानून-व्यवस्था चौकी के हवाले है। कभी शारदा बैराज की सुरक्षा में तैनात यूपी पीएसी के लिए निर्मित जीर्ण-क्षीण बैरक में कर्मी किसी तरह निवास कर रहे हैं। ढंग के शौचालय और वॉसरूम का अभाव है। चौकी में एक एसआई, एक एचसी तैनात हैं। स्वीकृत 8 के सापेक्ष 6 कांस्टेबल और दो महिला कांस्टेबलों की तैनाती है।
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नेपाल सीमा, बेलबंद्धगोठ, शारदा हेडवर्क्स (कैनाल कालोनी), एनएचपीसी और एनएचपीसी पावर चैनल क्षेत्र शारदा बैराज चौकी के अंतर्गत है। बीआर पौरी- थानाध्यक्ष, बनबसा।
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शारदा बैराज चौकी पर नेपाल आवागमन करने वालों पर नजर रखने, वाहनों की चेकिंग के अलावा शारदा बैराज की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भवन के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। -डीएस कुंवर, एसपी चंपावत।