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पम्दा, नग्नोनी में पेयजल के लिए हाहाकार मचा
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 04 May 2016 10:20 PM IST
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पम्दा, नग्नोनी में पेयजल के लिए हाहाकार मचा
- फोटो : अमर उजाला
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बाराकोट विकासखंड के पम्दा, नग्नोनी में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। दो हजार की आबादी वाले पम्दा, नग्नोनी गांव में बने प्राकृतिक नौलाें का जल स्तर रसातल में पहुंच गया है। नौलों में बहुत कम पानी आने से एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
जल संस्थान की ओर से पिकअप के जरिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वह भी नाकाफी पड़ रहा है। पानी के इंतजार में लोग सुबह से ही खाली बर्तन लेकर लाईन लगा दे रहे है। उसमें भी उन्हें एक बाल्टी पानी मुश्किल से मिल पा रहा है।
सूखे की चपेट में आई पम्दा-बनस्वाड़ योजना
ग्राम प्रधान भगवान दास जोशी का कहना है कि गांव में पानी का भीषण संकट पैदा हो गया है। यहां के लिए बनी पम्दा-बनस्वाड़ पेयजल योजना सूखे की चपेट में आने से ठप पड़ गई हैं। ग्रामीणाें के लिए आपात काल में सहारा बनने वाले नौले भी जवाब दे गए हैं।
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गांव में बांटा जा रहा है एक पिकअप पानी
राजेश जोशी का कहना है कि मजदूरी करने वाले लोगों के सामने पानी का विकट समस्या पैदा हो गई है। वह मजदूरी में जाते हैं तो पानी की व्यवस्था नहीं हो पाती है, पानी की तलाश में जुटते हैं तो पेट का सवाल पैदा हो रहा है। जल संस्थान की ओर से गांव में एक पिकअप पानी बांटा जा रहा है। जिसमें एक बाल्टी पानी मिल पा रहा है।
पेयजल से गड़बड़ाई दिनचर्या
जानकी जोशी का कहना है कि सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को हो रही है। पानी की समस्या के चलते वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान नहीं दे पा रही है। पेयजल की कमी के चलते उनकी दिनचर्या गड़बडा गई है।
नौलों में भी सुबह से लग रही है लाइन
गंगा देवी का कहना है कि पानी के लिए नौलों में सुबह से ही लाइन लगानी पड़ रही है। घंटों इंतजार करने के बाद एक बाल्टी पानी मिल रहा है। जल संस्थान द्वारा पानी बांटा जा रहा है, लेकिन उस पानी से एक वक्त का खाना ही बन पा रहा है।
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जल संस्थान की ओर से पिकअप के जरिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वह भी नाकाफी पड़ रहा है। पानी के इंतजार में लोग सुबह से ही खाली बर्तन लेकर लाईन लगा दे रहे है। उसमें भी उन्हें एक बाल्टी पानी मुश्किल से मिल पा रहा है।
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सूखे की चपेट में आई पम्दा-बनस्वाड़ योजना
ग्राम प्रधान भगवान दास जोशी का कहना है कि गांव में पानी का भीषण संकट पैदा हो गया है। यहां के लिए बनी पम्दा-बनस्वाड़ पेयजल योजना सूखे की चपेट में आने से ठप पड़ गई हैं। ग्रामीणाें के लिए आपात काल में सहारा बनने वाले नौले भी जवाब दे गए हैं।
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गांव में बांटा जा रहा है एक पिकअप पानी
राजेश जोशी का कहना है कि मजदूरी करने वाले लोगों के सामने पानी का विकट समस्या पैदा हो गई है। वह मजदूरी में जाते हैं तो पानी की व्यवस्था नहीं हो पाती है, पानी की तलाश में जुटते हैं तो पेट का सवाल पैदा हो रहा है। जल संस्थान की ओर से गांव में एक पिकअप पानी बांटा जा रहा है। जिसमें एक बाल्टी पानी मिल पा रहा है।
पेयजल से गड़बड़ाई दिनचर्या
जानकी जोशी का कहना है कि सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को हो रही है। पानी की समस्या के चलते वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान नहीं दे पा रही है। पेयजल की कमी के चलते उनकी दिनचर्या गड़बडा गई है।
नौलों में भी सुबह से लग रही है लाइन
गंगा देवी का कहना है कि पानी के लिए नौलों में सुबह से ही लाइन लगानी पड़ रही है। घंटों इंतजार करने के बाद एक बाल्टी पानी मिल रहा है। जल संस्थान द्वारा पानी बांटा जा रहा है, लेकिन उस पानी से एक वक्त का खाना ही बन पा रहा है।