{"_id":"5f5bba148ebc3e615c28510d","slug":"pleasure-over-not-putting-doctors-on-duty-duty-roster-at-checkpost-champawat-news-hld3966175186","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैकपोस्ट में डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर से न लगाने पर नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैकपोस्ट में डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर से न लगाने पर नाराजगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहाघाट (चंपावत)। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड-19 एमआरपी चेकपोस्ट पर रोस्टर के आधार पर डॉक्टरों की ड्यूटी न लगाने और आयुष डॉक्टरों को उनके मूल अस्पतालों में न भेजने पर राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ने गहरी नाराजगी नाराजगी जताई है। संघ ने डीएम को ज्ञापन भेजकर आयुर्वेद डॉक्टरों की भांति एलोपैथिक डॉक्टरों की भी तैनाती चेकपोस्टों पर रोस्टर के आधार पर करने की मांग की है।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.गिरेंद्र चौहान, सचिव डॉ.सरोज कुमार की ओर से भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि बिना अवकाश के करीब छह महीनों से लगातार रीठासाहिब चेकपोस्ट पर कोविड ड्यूटी कर रहे आयुष डॉक्टर डॉ.उमेश जोशी बीमार पड़ गए हैं। बृहस्पतिवार की रात को डॉ.जोशी का स्वास्थ अत्यधिक खराब होने के बाद भी उन्हें एंबुलेंस तक नहीं मिल पाई। जिन्हें आयुष विभाग के ही डॉ.अजय रस्तोगी ने निजी प्रयासों से वाहन की व्यवस्था कर पाटी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके अलावा 60 किमी दूर एमआरपी वालिक में ड्यूटी दे रहे लोहाघाट अस्पताल के डॉ.सरोज कुमार मिश्रा भी अस्वस्थ चल रहे हैं। डॉ.चौहान का कहना है कि आयुर्वेदिक डॉक्टरों को एमआरपी चेकपोस्टों पर तैनात किए जाने से कई अस्पताल लंबे समय से बंद चल रहे हैं और वहां दवाएं कालातीत होने की कगार में पहुंच गई हैं।
विज्ञापन
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.गिरेंद्र चौहान, सचिव डॉ.सरोज कुमार की ओर से भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि बिना अवकाश के करीब छह महीनों से लगातार रीठासाहिब चेकपोस्ट पर कोविड ड्यूटी कर रहे आयुष डॉक्टर डॉ.उमेश जोशी बीमार पड़ गए हैं। बृहस्पतिवार की रात को डॉ.जोशी का स्वास्थ अत्यधिक खराब होने के बाद भी उन्हें एंबुलेंस तक नहीं मिल पाई। जिन्हें आयुष विभाग के ही डॉ.अजय रस्तोगी ने निजी प्रयासों से वाहन की व्यवस्था कर पाटी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके अलावा 60 किमी दूर एमआरपी वालिक में ड्यूटी दे रहे लोहाघाट अस्पताल के डॉ.सरोज कुमार मिश्रा भी अस्वस्थ चल रहे हैं। डॉ.चौहान का कहना है कि आयुर्वेदिक डॉक्टरों को एमआरपी चेकपोस्टों पर तैनात किए जाने से कई अस्पताल लंबे समय से बंद चल रहे हैं और वहां दवाएं कालातीत होने की कगार में पहुंच गई हैं।
विज्ञापन