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अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:59 PM IST
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चंपावत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने शीघ्र मांग नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की धमकी दी है। इसी क्रम में 13 और 14 जून को दो दिनी कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 22 जून को दून में सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
मंगलवार को मंच के मुख्य संयोजक प्रबुद्ध शर्मा, सह संयोजक जीवन ओली, मिनिस्टीरियल फेडरेशन जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सौन, संरक्षक महेश जोशी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सात सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा किए जाने की मांग की। कर्मचारियों ने केंद्र के समान भत्ते, सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न्यू हेल्थ स्मार्ट कार्ड देने, न्यूनतम तीन पदोन्नती देने, शिथिलिकरण की कार्रवाई लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, सेवानिवृत्ति के अंतिम वर्ष में ऐच्छिक स्थान पर तैनाती और वेतन विसंगति समिति में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में एलएम चतुर्वेदी, महेश बोहरा, मोहन गिरी, राजेंद्र भट्ट, पीसी उनियाल, बीपी पांडेय, विनोद कुमार, खीम सिंह बिष्ट, दुर्गा गर्ब्याल, नागेंद्र कुमार और अंबा दत्त समेत तमाम अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
हड़ताल से कार्यालयों में पसरा सन्नाटा
चंपावत। अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के एक दिनी प्रदर्शन के दौरान कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से आम जनता को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यान, सिंचाई, जल संस्थान, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, कृषि समेत तमाम विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। आंदोलन में उपनल कर्मचारियों ने भी भागीदारी निभाई।
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मंगलवार को मंच के मुख्य संयोजक प्रबुद्ध शर्मा, सह संयोजक जीवन ओली, मिनिस्टीरियल फेडरेशन जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सौन, संरक्षक महेश जोशी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सात सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा किए जाने की मांग की। कर्मचारियों ने केंद्र के समान भत्ते, सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न्यू हेल्थ स्मार्ट कार्ड देने, न्यूनतम तीन पदोन्नती देने, शिथिलिकरण की कार्रवाई लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, सेवानिवृत्ति के अंतिम वर्ष में ऐच्छिक स्थान पर तैनाती और वेतन विसंगति समिति में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में एलएम चतुर्वेदी, महेश बोहरा, मोहन गिरी, राजेंद्र भट्ट, पीसी उनियाल, बीपी पांडेय, विनोद कुमार, खीम सिंह बिष्ट, दुर्गा गर्ब्याल, नागेंद्र कुमार और अंबा दत्त समेत तमाम अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
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हड़ताल से कार्यालयों में पसरा सन्नाटा
चंपावत। अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के एक दिनी प्रदर्शन के दौरान कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से आम जनता को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यान, सिंचाई, जल संस्थान, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, कृषि समेत तमाम विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। आंदोलन में उपनल कर्मचारियों ने भी भागीदारी निभाई।
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