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Champawat News: जिले में छह क्यूआरटी करेंगी वनाग्नि की रोकथाम का काम
Mon, 29 Jan 2024 10:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 29 Jan 2024 10:33 PM IST
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चंपावत। जिले में 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन के दौरान आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए छह क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) काम करेंगी। टीम में विभागीय कर्मियों के साथ अतिरिक्त अस्थायी कर्मी भी तैनात रहेंगे। वनाग्नि की रोकथाम के लिए 54 क्रू स्टेशन बनाए जाएंगे।
सोमवार को डीएम नवनीत पांडे की अध्यक्षता में जिला वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता से ही वनाग्नि की घटना की रोकथाम की जा सकती है। इसके लिए आम जनता के साथ सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाते हुए वनाग्नि की घटनाओं को रोका जाए। महिला समूह, महिला मंगल दल आदि का सहयोग लेने के लिए अभी से वन विभाग प्रचार-प्रसार, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे। उन्होंने वन क्षेत्रों के अंतर्गत अधिक से अधिक फायर लाइन का निर्माण करने के साथ वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के साथ सड़क निर्माण विभाग को गैंग के माध्यम से नियमित रूप से सड़क मार्गों से पिरुल हटाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल, सीवीओ वसुंधरा गब्र्याल, एसडीओ नेहा चौधरी समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कम समय पर पहुंचे टीम
चंपावत। डीएम ने कहा कि फायर सीजन में सूचना और संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने की जरूरत है। वनाग्नि की घटना होते ही फायर क्रू स्टेशन से टीम कम से कम समय में घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने तहसील और थानों को भी वनाग्नि की घटना के तहत अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए एसएसबी, आईटीबीपी का सहयोग लिया जाए। महिला स्वयं सहायता समूह को पिरुल के बकेट बनाने के लिए मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। संवाद
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जागरूकता अभियान शुरू
चंपावत। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए नुक्कड़ नाटक, कठपुतली नृत्य, विद्यालयों के माध्यम से जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जिले में 54 क्रू स्टेशन बनाने का काम शुरू हो गया है। जिले में 10 वन क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाएगी। जिला स्तर पर मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित करने और घटनाओं की सूचना के लिए ऑनलाइन एसएमएस प्रणाली भी संचालित रहेगी। प्रत्येक गांव में वनाग्नि सुरक्षा समिति का गठन किया जा रहा है। एक से सात फरवरी तक वनाग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। जिले में सभी वन क्षेत्रों में निर्मित फायर लाइन से पिरूल हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। संवाद
बेहतर कार्य करने वालों का होगा सम्मान
चंपावत। जिले में वनाग्नि रोकथाम का बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। डीएम नवनीत पांडे ने कहा कि जो महिला समूह, महिला मंगल दल, व्यक्ति विशेष वनाग्नि की घटना और रोकथाम के लिए बेहतर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित किया जाए। वनाग्नि की रोकथाम के लिए बेहतर कार्य करने वाली वन पंचायतों का भी सम्मान होगा। संवाद
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सोमवार को डीएम नवनीत पांडे की अध्यक्षता में जिला वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता से ही वनाग्नि की घटना की रोकथाम की जा सकती है। इसके लिए आम जनता के साथ सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाते हुए वनाग्नि की घटनाओं को रोका जाए। महिला समूह, महिला मंगल दल आदि का सहयोग लेने के लिए अभी से वन विभाग प्रचार-प्रसार, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे। उन्होंने वन क्षेत्रों के अंतर्गत अधिक से अधिक फायर लाइन का निर्माण करने के साथ वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के साथ सड़क निर्माण विभाग को गैंग के माध्यम से नियमित रूप से सड़क मार्गों से पिरुल हटाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल, सीवीओ वसुंधरा गब्र्याल, एसडीओ नेहा चौधरी समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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कम समय पर पहुंचे टीम
चंपावत। डीएम ने कहा कि फायर सीजन में सूचना और संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने की जरूरत है। वनाग्नि की घटना होते ही फायर क्रू स्टेशन से टीम कम से कम समय में घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने तहसील और थानों को भी वनाग्नि की घटना के तहत अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए एसएसबी, आईटीबीपी का सहयोग लिया जाए। महिला स्वयं सहायता समूह को पिरुल के बकेट बनाने के लिए मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। संवाद
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जागरूकता अभियान शुरू
चंपावत। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए नुक्कड़ नाटक, कठपुतली नृत्य, विद्यालयों के माध्यम से जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जिले में 54 क्रू स्टेशन बनाने का काम शुरू हो गया है। जिले में 10 वन क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाएगी। जिला स्तर पर मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित करने और घटनाओं की सूचना के लिए ऑनलाइन एसएमएस प्रणाली भी संचालित रहेगी। प्रत्येक गांव में वनाग्नि सुरक्षा समिति का गठन किया जा रहा है। एक से सात फरवरी तक वनाग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। जिले में सभी वन क्षेत्रों में निर्मित फायर लाइन से पिरूल हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। संवाद
बेहतर कार्य करने वालों का होगा सम्मान
चंपावत। जिले में वनाग्नि रोकथाम का बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। डीएम नवनीत पांडे ने कहा कि जो महिला समूह, महिला मंगल दल, व्यक्ति विशेष वनाग्नि की घटना और रोकथाम के लिए बेहतर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित किया जाए। वनाग्नि की रोकथाम के लिए बेहतर कार्य करने वाली वन पंचायतों का भी सम्मान होगा। संवाद