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Champawat News: सीएम की विधानसभा में लोगों को बाल रोग विशेषज्ञ का इंतजार
Thu, 27 Jun 2024 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 27 Jun 2024 11:16 PM IST
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चंपावत। मुख्यमंत्री की विधानसभा के जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। पिछले सात माह से जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में अभिभावकों के लिए बच्चों का इलाज कराना मुश्किल होता है।
दिसंबर 2023 में बांडधारी बाल रोग विशेषज्ञ का अनुबंध समाप्त होने के बाद वह चले गए। इसके बाद से यहां पर पद रिक्त चल रहा है। पद रिक्त होने के बाद बच्चों को आसानी से इलाज नहीं मिल पाता है। उन्हें अपने पाल्यों के इलाज के लिए यहां वहां हाथ पैर मारने पड़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने के कारण इलाज आसानी से नहीं मिल पाता है। कई बार तो उन्हें बीमार बच्चों को दिखाने के लिए खटीमा जाना पड़ा। अस्थाई व्यवस्था के तौर पर विभाग ने एसीएमओ डॉ. सीएस बिष्ट को अस्पताल में तैनात किया है, लेकिन कई बार उन्हें भी विभागीय और अन्य कामों से बाहर जाना पड़ता है। वर्तमान में एसीएमओ एक माह के अवकाश पर हैं। ऐसे में बीमार बच्चों को इलाज आसानी से नहीं मिल पाता है।
कोट
अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण बच्चों का इलाज करना मुश्किल होता है। कई बार तो इलाज कराने के लिए कोई मिलता ही नहीं हैं। - नीरज, अभिभावक चंपावत।
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कोट
सीएम की विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त होनी चाहिए। विशेषज्ञों के पदों को भरने की जरूरत है। आखिर बाल रोग विशेषज्ञ की कमी का खामियाजा हमारे बच्चे क्यों भुगतें। - राधिका, अभिभावक, लोहाघाट।
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दिसंबर 2023 में बांडधारी बाल रोग विशेषज्ञ का अनुबंध समाप्त होने के बाद वह चले गए। इसके बाद से यहां पर पद रिक्त चल रहा है। पद रिक्त होने के बाद बच्चों को आसानी से इलाज नहीं मिल पाता है। उन्हें अपने पाल्यों के इलाज के लिए यहां वहां हाथ पैर मारने पड़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने के कारण इलाज आसानी से नहीं मिल पाता है। कई बार तो उन्हें बीमार बच्चों को दिखाने के लिए खटीमा जाना पड़ा। अस्थाई व्यवस्था के तौर पर विभाग ने एसीएमओ डॉ. सीएस बिष्ट को अस्पताल में तैनात किया है, लेकिन कई बार उन्हें भी विभागीय और अन्य कामों से बाहर जाना पड़ता है। वर्तमान में एसीएमओ एक माह के अवकाश पर हैं। ऐसे में बीमार बच्चों को इलाज आसानी से नहीं मिल पाता है।
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कोट
अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण बच्चों का इलाज करना मुश्किल होता है। कई बार तो इलाज कराने के लिए कोई मिलता ही नहीं हैं। - नीरज, अभिभावक चंपावत।
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सीएम की विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त होनी चाहिए। विशेषज्ञों के पदों को भरने की जरूरत है। आखिर बाल रोग विशेषज्ञ की कमी का खामियाजा हमारे बच्चे क्यों भुगतें। - राधिका, अभिभावक, लोहाघाट।