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गैस सिलेंडर के लिए पापड़ बेल रहे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला/चंपावत
Updated Wed, 22 Apr 2015 11:29 PM IST
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जिले में रसोई गैस सिलेंडर पाने को लोगों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। काफी लोग लाइन में लगने के बाद मायूस लौटे। जिले के तीनों प्रमुख वितरण केंद्रों में कुल मिलाकर 4900 सिलेंडर का बैकलाग है।
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जिले में लोगों को रसोई गैस सिलेंडर के लिए दिक्कत हो रही है। चंपावत गैस वितरण केंद्र में कई-कई उपभोक्ता ऐसे हैं जो तीन-तीन दिन तक एजेंसी के चक्कर काटने के बाद सिलेंडर हासिल नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को भी गैस सिलेंडर आते ही खत्म हो गए। दर्जनों लोग सिलेंडर लिए बगैर मायूस लौटे। गैस वितरण केंद्र प्रबंधक एसके वर्मा का कहना है कि चंपावत में तकरीबन 700 सिलेंडरों का बैकलाग है। प्लांट से आपूर्ति में तेजी लाने का आग्रह किया गया है।
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टनकपुर गैस वितरण केंद्र की प्रबंधक कमला तिवारी का कहना है कि टनकपुर में करीब 1200 सिलेंडरों का बैकलाग है। यहां हर महीने 28 गाड़ियों की जरूरत है, लेकिन दो महीनों से 23 गाड़ी सिलेंडर ही आ सके हैं। लोहाघाट में तकरीबन 3000 सिलेंडर का बैकलाग है। प्रभारी प्रदीप कार्की का कहना है कि बैकलाग की वजह से दूरदराज के कई इलाकों में सिलेंडर भेजने में दिक्कत हो रही है।
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सिलेंडर बांटने का पारदर्शी तरीका अपनाएं
चंपावत। परेशानहाल कई उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर के वितरण में धांधली का आरोप लगाया है। सामाजिक कार्यकर्ता अमित तिवारी का कहना है कि गैस केंद्र में सिलेंडरों को बांटने में मनमानी की जा रही है। तीन दिन तक लाइन में लगने के बावजूद काफी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जबकि कर्मियों के करीबी कई लोगों को आसानी से सिलेंडर मिल रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने केएमवीएन के गैस महाप्रबंधक को पत्र भेजा है। सिलेंडर वितरण का पारदर्शी तरीका अपनाने की मांग की है।