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जानलेवा पेड़ों का निस्तारण करवाने की मांग
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टनकपुर में रेलवे लाइन के किनारे पुराने पेड़ों को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते नागरिक। संव?
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। रेलवे मार्ग के किनारे पुराने और सूखे पेड़ों का निस्तारण नहीं करने से लोग नाराज हैं। परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर जिंदगी के लिए खतरा बन रहे पेड़ों के निस्तारण की मांग की है। बाद में एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया।
रेलवे मार्ग क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि अप्रैल 2021 से अब तक रेलवे मार्ग पर दो पेड़ गिरकर धराशायी होने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी यहां कई पेड़ ऐसे हैं जिनके कभी भी गिरने से जान माल का खतरा पैदा हो सकता है। नागरिकों ने खतरे वाले पेड़ों को चिह्नित कर काटने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सभासद रईस अहमद, एससी कटौच, आरफा, सायरा, खुर्शीद, ताहिर, लीलावती, निशा, काजल, नंदा, गौरी आदि शामिल थे। इधर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने लॉपिंग और खतरे वाले पेड़ों के निस्तारण के लिए नगर पालिका और वन विभाग से कार्रवाई करने की बात कही है।
12 दिन पहले पेड़ गिरने से दो लोगों की हुई थी मौत
टनकपुर (चंपावत)। रेलवे मार्ग के एक किलोमीटर के दायरे में 13 से अधिक पुराने और खतरे वाले पेड़ हैं। यहां रेलवे मार्ग पर इसी माह 14 अप्रैल को भारी भरकम पेड़ के धराशायी होने से पूर्णागिरि देवी दर्शन कर घर जा रहे एक श्रद्धालु सहित दो लोगों की मौत हो गई थी। जबकि छह लोग घायल हो गए थे। इससे पूर्व भी रेलवे मार्ग क्षेत्र में पिछले साल अप्रैल में एक ही परिवार के तीन लोगों ने भी पेड़ के नीचे दबने से दम तोड़ा था।
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फोटो 25 टीएनपी 06पी
टनकपुर शहरी क्षेत्र में खतरा बन रहे पुराने और लटके पेड़:
1. राजाराम चौराहे से रेलवे स्टेशन तक करीब एक किलोमीटर हिस्से में 13 पेड़।
2. सीमेंट रोड पर हैं दो पेड़।
3. डिग्री कॉलेज के निकट है एक पेड़।
4. रोडवेज बस स्टेशन के नजदीक हैं पांच पेड़।
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रेलवे मार्ग क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि अप्रैल 2021 से अब तक रेलवे मार्ग पर दो पेड़ गिरकर धराशायी होने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी यहां कई पेड़ ऐसे हैं जिनके कभी भी गिरने से जान माल का खतरा पैदा हो सकता है। नागरिकों ने खतरे वाले पेड़ों को चिह्नित कर काटने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सभासद रईस अहमद, एससी कटौच, आरफा, सायरा, खुर्शीद, ताहिर, लीलावती, निशा, काजल, नंदा, गौरी आदि शामिल थे। इधर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने लॉपिंग और खतरे वाले पेड़ों के निस्तारण के लिए नगर पालिका और वन विभाग से कार्रवाई करने की बात कही है।
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12 दिन पहले पेड़ गिरने से दो लोगों की हुई थी मौत
टनकपुर (चंपावत)। रेलवे मार्ग के एक किलोमीटर के दायरे में 13 से अधिक पुराने और खतरे वाले पेड़ हैं। यहां रेलवे मार्ग पर इसी माह 14 अप्रैल को भारी भरकम पेड़ के धराशायी होने से पूर्णागिरि देवी दर्शन कर घर जा रहे एक श्रद्धालु सहित दो लोगों की मौत हो गई थी। जबकि छह लोग घायल हो गए थे। इससे पूर्व भी रेलवे मार्ग क्षेत्र में पिछले साल अप्रैल में एक ही परिवार के तीन लोगों ने भी पेड़ के नीचे दबने से दम तोड़ा था।
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टनकपुर शहरी क्षेत्र में खतरा बन रहे पुराने और लटके पेड़:
1. राजाराम चौराहे से रेलवे स्टेशन तक करीब एक किलोमीटर हिस्से में 13 पेड़।
2. सीमेंट रोड पर हैं दो पेड़।
3. डिग्री कॉलेज के निकट है एक पेड़।
4. रोडवेज बस स्टेशन के नजदीक हैं पांच पेड़।