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पाटी डिग्री कॉलेज : 219 विद्यार्थी, चार विषय और दो शिक्षक
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चंपावत। प्रदेश में बड़े पैमाने पर डिग्री कॉलेज तो खोल दिए गए, लेकिन प्राचार्य समेत विभिन्न विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त होने से ये कॉलेज खानापूरी ही साबित हो रहे हैं। 2019 में खुले पाटी के राजकीय डिग्री का भी यही हाल है। 219 छात्र-छात्राओं वाले इस कॉलेज में महज चार विषय में भी विद्यार्थी पढ़ाई कर सकते हैं। कॉलेज के लिए प्राचार्य का पद तक स्वीकृत नहीं है। यहां की अतिरिक्त जिम्मेदारी 27 किमी दूर लोहाघाट के प्राचार्य को दी गई है। पाटी के कॉलेज की मंजूरी के बाद जिले में उच्च शिक्षा के केंद्रों की संख्या बढ़कर सात जरूर हो गई, लेकिन इस स्थिति में शिक्षा की गुणवत्ता क्या होगी, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
पिछले साल मई से संचालित पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज में कोई प्राचार्य नहीं है। करीब एक साल तक पाटी का प्रभार देवीधुरा डिग्री कॉलेज के प्राचार्य के पास था। देवीधुरा के प्राचार्य डॉ. एएस उनियाल के स्थानांतरण के बाद अब ये जिम्मा 27 किमी दूर लोहाघाट पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता गुप्ता के पास है। पाटी में प्राचार्य का तो पद मंजूर नहीं है, लेकिन जो पद सृजित हैं उनमें से भी ज्यादातर खाली हैं।
219 छात्र-छात्राओं वाले इस कॉलेज में महज चार विषय (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और समाजशास्त्र) हैं। छात्रनेता चेतन सिंह चम्याल का कहना है कि महज चार विषय होने से विद्यार्थियों के पास वैकल्पिक विषय चुनने की सुविधा भी नहीं है। वहीं हिंदी और संस्कृत के सहायक प्रोफेसर के पद भी खाली हैं। सिर्फ अंग्रेजी और समाजशास्त्र के शिक्षकों से काम चल रहा है। यह डिग्री कॉलेज भी पाटी के बंद हो चुके राजकीय प्राथमिक स्कूल में चल रहा है।
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कोट...
पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज में प्राचार्य का पद सृजित नहीं है। यहां चार विषयों के सहायक प्रोफेसर, एक कनिष्ठ सहायक, अनुसेवक और चौकीदार के पद मंजूर किए गए हैं। -प्रो. आरएस भट्ट, नोडल अधिकारी और प्राचार्य चंपावत पीजी कॉलेज।
पाटी डिग्री कॉलेज को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य
- 5 अप्रैल 2018 में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पाटी में डिग्री कॉलेज खोलने का एलान किया था।
- 2019 में पाटी में महाविद्यालय शुरू हुआ।
- चार विषयों से संचालित है पाटी में बीए, दो विषयों में एक भी शिक्षक नहीं।
- कॉलेज भवन के लिए जौलाड़ी में सौ नाली जमीन पंजीकृत हो चुकी है।
जीआईसी से संचालित हो रहा अमोड़ी का डिग्री कॉलेज
चंपावत जिले के अमोड़ी गांव में चार साल पहले स्थापित राजकीय डिग्री कॉलेज बदहाल है। यह कॉलेज चार सालों से अमोड़ी के जीआईसी परिसर के दो कमरों में चल रहा है। इस कॉलेज के भवन का निर्माण चल रहा है।
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पिछले साल मई से संचालित पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज में कोई प्राचार्य नहीं है। करीब एक साल तक पाटी का प्रभार देवीधुरा डिग्री कॉलेज के प्राचार्य के पास था। देवीधुरा के प्राचार्य डॉ. एएस उनियाल के स्थानांतरण के बाद अब ये जिम्मा 27 किमी दूर लोहाघाट पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता गुप्ता के पास है। पाटी में प्राचार्य का तो पद मंजूर नहीं है, लेकिन जो पद सृजित हैं उनमें से भी ज्यादातर खाली हैं।
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219 छात्र-छात्राओं वाले इस कॉलेज में महज चार विषय (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और समाजशास्त्र) हैं। छात्रनेता चेतन सिंह चम्याल का कहना है कि महज चार विषय होने से विद्यार्थियों के पास वैकल्पिक विषय चुनने की सुविधा भी नहीं है। वहीं हिंदी और संस्कृत के सहायक प्रोफेसर के पद भी खाली हैं। सिर्फ अंग्रेजी और समाजशास्त्र के शिक्षकों से काम चल रहा है। यह डिग्री कॉलेज भी पाटी के बंद हो चुके राजकीय प्राथमिक स्कूल में चल रहा है।
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कोट...
पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज में प्राचार्य का पद सृजित नहीं है। यहां चार विषयों के सहायक प्रोफेसर, एक कनिष्ठ सहायक, अनुसेवक और चौकीदार के पद मंजूर किए गए हैं। -प्रो. आरएस भट्ट, नोडल अधिकारी और प्राचार्य चंपावत पीजी कॉलेज।
पाटी डिग्री कॉलेज को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य
- 5 अप्रैल 2018 में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पाटी में डिग्री कॉलेज खोलने का एलान किया था।
- 2019 में पाटी में महाविद्यालय शुरू हुआ।
- चार विषयों से संचालित है पाटी में बीए, दो विषयों में एक भी शिक्षक नहीं।
- कॉलेज भवन के लिए जौलाड़ी में सौ नाली जमीन पंजीकृत हो चुकी है।
जीआईसी से संचालित हो रहा अमोड़ी का डिग्री कॉलेज
चंपावत जिले के अमोड़ी गांव में चार साल पहले स्थापित राजकीय डिग्री कॉलेज बदहाल है। यह कॉलेज चार सालों से अमोड़ी के जीआईसी परिसर के दो कमरों में चल रहा है। इस कॉलेज के भवन का निर्माण चल रहा है।