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बेडू पाको बार मासा नारायण काफल पाको चैत मेरी छैला
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Fri, 14 Oct 2016 10:25 PM IST
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बेडू पाको बार मासा नारायण काफल पाको चैत मेरी छैला
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट में चल रहे लड़ीधूरा महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम मची हुई है। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अल्मोड़ा से दलनायक गोकुल बिष्ट के नेतृत्व में आए हिमालय लोक कला केंद्र और विहान सामाजिक संस्था के दलनायक देवेंद्र भट्ट के कलाकारों ने ‘ओ नंदा-सुनंदा तू दैण है जाये’ गीत सेे कार्यक्रमों की शुरुआत की।
कलाकारों ने कुमांऊनी, गढ़वाली, राजस्थानी आदि एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी। गायक दीवान सिंह कनवाल ने ‘दिन लागी महिना साल’ और ‘बेडू पाको बार मासा नारायण काफल पाको चैत मेरी छैला’, अल्मोड़ा की नन्दा देवी तेरी जै बोला आदि गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
नृत्य नाटिका भाना गंगनाथ की कथा की शानदार प्रस्तुति भी खूब सराही गई। महोत्सव में लगातार पंजाब, हरियाणा और जम्मू की टीम ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी। हास्य कलाकार पंकज तिवारी ने अपने हास्य प्रहसनों से दर्शकों को खूब लोटपोट किए रखा। आयोजन समिति अध्यक्ष नगेंद्र जोशी, लोकमान अधिकारी, राजू बिष्ट, उत्तम सिंह देव, भवानी टम्टा, चतुर सिंह मेहता, मोहन सिंह बिश्ट, तारा चम्याल, विशन सिंह चम्याल, अविनाश कुमार, मोहन चंद्र पाटनी, निर्मल नाथ, हयात सिंह बिष्ट, प्रकाश राय, रंजीत अधिकारी, निर्मल नाथ, प्रहलाद अधिकारी, रिंकु अधिकारी आदि मौजूद रहे। रामप्रसाद कालाकोटी की अध्यक्षता और जगदीश अधिकारी के संचालन में सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख लक्ष्मण सिंह लमगड़िया ने किया।
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लोकनृत्य में जीजीआईसी काकड़ रहा प्रथम
महोत्सव के दौरान कृष्णा अधिकारी की ओर से प्रायोजित लोकनृत्य सीनियर वर्ग की प्रतियोगिता में जीजीआईसी काकड़ ने पहला, विवेकानंद विद्यामंदिर ने दूसरा, जूनियर वर्ग में कालाकोट हाईस्कूल ने पहला, जीजीआईसी ने दूसरा, एलिट चिल्ड्रन एकेडमी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राथमिक वर्ग की हिंदी सुलेख में कशिश अधिकारी, नेहा बोरा, ऋतिका जोशी, अंग्रेजी सुलेख में कृतिका जोशी, कशिश जोशी, जूनियर वर्ग में अजय अधिकारी, उपासना अधिकारी, मंयक भट्ट, अंग्रेजी सुलेख में नीरज जोशी, पियांषु और उपासना अधिकारी पहले तीन स्थान में रहे।
कलाकारों ने कुमांऊनी, गढ़वाली, राजस्थानी आदि एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी। गायक दीवान सिंह कनवाल ने ‘दिन लागी महिना साल’ और ‘बेडू पाको बार मासा नारायण काफल पाको चैत मेरी छैला’, अल्मोड़ा की नन्दा देवी तेरी जै बोला आदि गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
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नृत्य नाटिका भाना गंगनाथ की कथा की शानदार प्रस्तुति भी खूब सराही गई। महोत्सव में लगातार पंजाब, हरियाणा और जम्मू की टीम ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी। हास्य कलाकार पंकज तिवारी ने अपने हास्य प्रहसनों से दर्शकों को खूब लोटपोट किए रखा। आयोजन समिति अध्यक्ष नगेंद्र जोशी, लोकमान अधिकारी, राजू बिष्ट, उत्तम सिंह देव, भवानी टम्टा, चतुर सिंह मेहता, मोहन सिंह बिश्ट, तारा चम्याल, विशन सिंह चम्याल, अविनाश कुमार, मोहन चंद्र पाटनी, निर्मल नाथ, हयात सिंह बिष्ट, प्रकाश राय, रंजीत अधिकारी, निर्मल नाथ, प्रहलाद अधिकारी, रिंकु अधिकारी आदि मौजूद रहे। रामप्रसाद कालाकोटी की अध्यक्षता और जगदीश अधिकारी के संचालन में सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख लक्ष्मण सिंह लमगड़िया ने किया।
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लोकनृत्य में जीजीआईसी काकड़ रहा प्रथम
महोत्सव के दौरान कृष्णा अधिकारी की ओर से प्रायोजित लोकनृत्य सीनियर वर्ग की प्रतियोगिता में जीजीआईसी काकड़ ने पहला, विवेकानंद विद्यामंदिर ने दूसरा, जूनियर वर्ग में कालाकोट हाईस्कूल ने पहला, जीजीआईसी ने दूसरा, एलिट चिल्ड्रन एकेडमी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राथमिक वर्ग की हिंदी सुलेख में कशिश अधिकारी, नेहा बोरा, ऋतिका जोशी, अंग्रेजी सुलेख में कृतिका जोशी, कशिश जोशी, जूनियर वर्ग में अजय अधिकारी, उपासना अधिकारी, मंयक भट्ट, अंग्रेजी सुलेख में नीरज जोशी, पियांषु और उपासना अधिकारी पहले तीन स्थान में रहे।