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तीन कक्षाओं में बस एक-एक छात्र
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 15 Jul 2015 10:26 PM IST
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गड़कोट गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई-लिखाई को बेहतर बनाना तो दूर, सभी पांचों कक्षाओं को बचाना चुनौती हो गया है। यहां एक, चार और पांचवीं कक्षा बस किसी तरह चल रही है। इन तीनों कक्षाओं में सिर्फ एक-एक छात्र है, जिस तरह के हालात हैं, ये कक्षाएं कभी भी बंद हो सकती है। वैसे भी यहां करीब 40 प्रतिशत छात्र संख्या इस साल कम हो गई है।
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जिला मुख्यालय से करीब 21 किमी दूर गड़कोट प्राइमरी स्कूल में अमर उजाला टीम पहुंची। स्कूल में चार से ज्यादा कमरे हैं, लेकिन पूरा स्कूल एक ही कमरे में सिमट गया। महज 8 छात्र होने की वजह से सभी छात्र एक ही कमरे में पढ़ाई करते हैं। छात्रों की ये तादात लगातार कम हो रही है। पिछले साल यहां 13 छात्र थे। वैसे मंगलवार को 6 ही छात्र मौजूद थे।
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छात्रों की कम होती संख्या की वजह का सबसे बड़ा कारण अध्यापकों की कमी है। स्कूल में महज एक शिक्षिका है। शिक्षिका कमला गोस्वामी ने दो साल से अकेले स्कूल को संभाल रखा है। इस बार एक शिक्षक सतीश राणा को यहां भेजा गया, लेकिन वे अभी लोहाघाट के जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान से डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
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कभी शैक्षिक गुणवत्ता के लिए जाना जाता था यह स्कूल
गड़कोट के प्राथमिक विद्यालय की सूरत बिगड़ी है, लेकिन यह स्कूल एक जमाने में शैक्षिक गुणवत्ता के लिए जाना जाता था। आजादी के सात साल बाद 1954 में यहां स्कूल खुला। राज्य बनने से पहले तक यह स्कूल ठीकठाक हाल में था। उसके बाद इस क्षेत्र के दूसरे गांवों में स्कूल खुल गए और यहां छात्र कम होते रहे। आज ये स्कूल दहाई की छात्र संख्या के लिए भी तरस रहा है।
भारी पड़ रही है सुविधाओं की कमी
शिक्षकों की कमी गड़कोट प्राथमिक विद्यालय के लिए खतरा बन गई है। लंबे समय से यहां एक शिक्षक से काम चलाया गया। इस वजह से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं गांव में अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी भी थी। ग्रामीण राकेश का कहना है कि इन सब वजहों से सामर्थ्यवान लोग यहां से दूसरी जगह खिसकते रहे।
गड़कोट प्राथमिक स्कूल में दूसरे अध्यापक को भेजा गया है। डायट से डीएलएड की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद यहां स्टाफ की स्थिति बेहतर होगी। साथ ही छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अभियान भी चलेगा। -एचएस मियान, खंड शिक्षाधिकारी, चंपावत।
गड़कोट प्राथमिक स्कूल में लगातार छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। कम छात्रों वाले तमाम अन्य स्कूलों के साथ इस विद्यालय को ठीक करने के उपाय किए जाएंगे। -हेमेश खर्कवाल, विधायक, चंपावत।