{"_id":"5e46d3808ebc3ee5ac313134","slug":"one-died-tanakpur-news-hld3735936131","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में टनकपुर के जवान गजेंद्र की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में टनकपुर के जवान गजेंद्र की मौत
विज्ञापन
ट्रेन के सफर के दौरान हादसे में मृत सेना का जवान हवलदार गजेंद्र चंद फाइल फोटो।
- फोटो : TANAKPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छुट्टी लेकर घर आ रहे टनकपुर निवासी सेना के जवान की ट्रेन में सफर के दौरान हादसे में मौत हो गई। हादसा बृहस्पतिवार रात लखनऊ-हरदोई ट्रेक पर होना बताया गया है। इधर सैनिक की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा है। बताया गया कि 12 कुमाऊं रेजिमेंट का जवान वर्तमान में शिलांग में तैनात था। शनिवार को टनकपुर में सैन्य सम्मान के साथ शहीद की अंत्येष्टि होगी।
मनिहारगोठ निवासी सेना का हवलदार गजेंद्र चंद (42) पुत्र स्व. रामी चंद बीते बुधवार को शिलांग से छुट्टी लेकर ब्रह्मपुत्र-जम्मूतवी एक्सप्रेस से घर आ रहे थे। रात के समय हरदोई के पास चलती ट्रेन से गिरने से उनकी मौत हो गई।
सूचना पर मौके पर पहुंची हरदोई पुलिस को परिचय पत्र से उनके सैनिक होने का पता चला। पुलिस ने 12 कुमाऊं रेजिमेंट में इसकी सूचना दी। शुक्रवार को सेना से जवान के परिजनों को हादसे की खबर मिली। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम करा कर सेना की टीम जवान का पार्थिव शरीर लेकर देर शाम टनकपुर के लिए रवाना हुई। शनिवार सुबह सैन्य सम्मान के साथ जवान की अंत्येष्टि होगी।
विज्ञापन
घर में मचा कोहराम, पत्नी और मां बेसुध
सैनिक गजेंद्र की हादसे में मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मचा गया। पत्नी सरोज चंद और मां तुलसी देवी उर्फ बसंती दोनों बेसुध हैं। शहीद का एक पुत्र और एक पुत्री है। पुत्र शैलेश चंद कक्षा 11 और पुत्री कृतिका कक्षा दो में पढ़ रही है। जवान का छोटा भाई दिनेश चंद जो कुमाऊं रेजिमेंट से रिटायर्ड हैं वह एक हादसे के बाद से कोमा में है। एक छोटे भाई की करीब 15 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सबसे बड़े भाई प्राईवेट कंपनी में नौकरी करते हैं जो बाहर हैं।
विज्ञापन
मनिहारगोठ निवासी सेना का हवलदार गजेंद्र चंद (42) पुत्र स्व. रामी चंद बीते बुधवार को शिलांग से छुट्टी लेकर ब्रह्मपुत्र-जम्मूतवी एक्सप्रेस से घर आ रहे थे। रात के समय हरदोई के पास चलती ट्रेन से गिरने से उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सूचना पर मौके पर पहुंची हरदोई पुलिस को परिचय पत्र से उनके सैनिक होने का पता चला। पुलिस ने 12 कुमाऊं रेजिमेंट में इसकी सूचना दी। शुक्रवार को सेना से जवान के परिजनों को हादसे की खबर मिली। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम करा कर सेना की टीम जवान का पार्थिव शरीर लेकर देर शाम टनकपुर के लिए रवाना हुई। शनिवार सुबह सैन्य सम्मान के साथ जवान की अंत्येष्टि होगी।
विज्ञापन
घर में मचा कोहराम, पत्नी और मां बेसुध
सैनिक गजेंद्र की हादसे में मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मचा गया। पत्नी सरोज चंद और मां तुलसी देवी उर्फ बसंती दोनों बेसुध हैं। शहीद का एक पुत्र और एक पुत्री है। पुत्र शैलेश चंद कक्षा 11 और पुत्री कृतिका कक्षा दो में पढ़ रही है। जवान का छोटा भाई दिनेश चंद जो कुमाऊं रेजिमेंट से रिटायर्ड हैं वह एक हादसे के बाद से कोमा में है। एक छोटे भाई की करीब 15 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सबसे बड़े भाई प्राईवेट कंपनी में नौकरी करते हैं जो बाहर हैं।