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डीएलआरसी की बैठक:सरकारी योजनाओं की धीमी गति पर लगाई फटकार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 11:16 PM IST
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Officials rebuked at slow pace of government schemes
चंपावत में डीएलआरसी की बैठक लेते डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। कोरोना काल में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लक्ष्य में धीमी गति पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय कई विभागों के अधिकारियों को फटकार लगी। उन्होंने विशेष जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक में कारोबारी गतिविधियों को गति देने के लिए योजनाओं का लक्ष्य हासिल कर जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। कहा कि हीलाहवाली करने वाले विभागों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जमा-ऋण अनुपात (सीडीआर) को 29 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (एमएसवाई) के तहत 586.90 लाख रुपये के 130 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, लेकिन इनमें से 129.20 लाख रुपये के 27 आवेदन ही स्वीकृत हुए हैं। नगरीय क्षेत्रों के फड़ कारोबारियों से जुड़ी प्रधानमंत्री स्व निधि योजना के तहत 97 आवेदनों में से सिर्फ 19 को ही मंजूरी मिल सकी है। बैठक में एनआरएलएम, पीएमईजीपी, एससीपी, केसीसी पर चर्चा हुई। बाद में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (एसबीआई आरसेटी) की ओर से प्रकाशित वार्षिक पत्रिका का विमोचन हुआ। बैठक में सीडीओ आरएस रावत, एडीएम टीएस मर्तोलिया, पीडी विम्मी जोशी, उद्योग महाप्रबंधक मीरा बोरा, नाबार्ड के अधिकारी अमित पांडेय, एलबीएम के प्रबंधक एके जोशी, आरसेटी के निदेशक आरपी टम्टा, सीएओ राजेंद्र उप्रेती, सीवीओ डॉ. बीएस जंगपांगी, दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता आदि थे।
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