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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   NOw tanker will distribute water

आज से टैंकरों से बुझेगी पाटी के लोगों की प्यास

Sun, 26 May 2019 11:19 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो  पाटी (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो  पाटी (चंपावत)। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Sun, 26 May 2019 11:19 PM IST
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मरम्मत के लिए गर्मी में पेयजल टैंक तोड़े जाने से उपजी पेयजल किल्लत लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। मरम्मत के लिए पेयजल टैंक तोड़े जाने से हुई पेयजल किल्लत को लेकर अमर उजाला में 26 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने संज्ञान लिया। उन्होंने जाड़ों या बरसात में टैंकर की मरम्मत नहीं कराने पर नाराजगी जताते हुए जल संस्थान को फटकार लगाई। उन्होंने जल संस्थान से हर रोज टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कर लोगों की समस्या के निदान के निर्देश दिए। इस निर्देश के बाद विभाग पाटी में सोमवार से दो टैंकरों से पेयजल आपूर्ति करेगा। 

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कैलाश चंद्र, भुवन चंद्र, ललित पाटनी, लाल सिंह, भुवन गहतोड़ी , दीपक भट्ट, राजू बोहरा, प्रवीन सिंह, संजय सिंह, कमला लडवाल, चंद्रा देवी, केशवी देवी आदि ग्रामीणों का कहना है कि दो सप्ताह पूर्व पुराना मुख्य टैंक तोड़कर नया टैंक बनाने की कवायद शुरू किए जाने से यहां गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया।
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विधायक ने कहा कि जनवरी में निविदा लगने के बावजूद गर्मी में पुराने पेयजल टैंक तोड़ना गलत है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक उपाय करने के जल संस्थान को निर्देश दिए। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता चंद्रशेखर पंत ने कहा कि सोमवार से दो पेयजल टैंकरों से न्यू कालोनी, मल्ली पाटी, स्टेशन चौराहा, शास्त्री मार्ग गेट और माराकुली में पेयजल आपूर्ति की जाएगी। 
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टैंकरों से पानी के लिए भी करना पड़ रहा है इंतजार 
चंपावत। तपिश बढ़ने से पेयजल स्रोतों में हो रही पानी की कमी ने चंपावत क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में पेयजल किल्लत बढ़ा दी है। टैंकर और पिकअप जीपों से पानी की आपूर्ति तो की जा रही है लेकिन इसके लिए ग्रामीणों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। 

भीषण गर्मी के चलते इन दिनों जल स्रोत के अलावा धारे और गधेरों में भी पानी कम हुआ है। चंपावत में रोजाना 23.60 लाख लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन इस वक्त सात लाख लीटर से भी कम पानी मिल पा रहा है। इसके चलते नलों से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है।


जल संस्थान हर रोज 50 हजार लीटर से अधिक पानी टैंकर और पिकअप जीप से बांट रहा है लेकिन ये पानी भी एक दिन छोड़कर बांटा जा रहा है। इस वजह से लोग पानी के लिए हैंडपंप और गधेरों का सहारा ले रहे हैं। इन गधेरों में भी भीड़ होने से पानी का संकट लगातार बढ़ रहा है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत ने बताया कि जल स्रोतों में काफी कमी आई है। लिहाजा किल्लत वाली जगहों में पानी बांटने के लिए टैंकर और पिकअप जीपों का सहारा लेना पड़ रहा है। 

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