{"_id":"65bd2d45adb892d1d3025a69","slug":"now-students-will-get-rid-of-old-books-champawat-news-c-8-1-hld1014-302831-2024-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: अब छात्र-छात्राओं को मिलेगी पुरानी किताबों से निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: अब छात्र-छात्राओं को मिलेगी पुरानी किताबों से निजात
Fri, 02 Feb 2024 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 02 Feb 2024 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के चंपावत परिसर में अब छात्र-छात्राओं को पुराने किताबों से नहीं पढ़ना पड़ेगा। विद्यालय प्रबंधन ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत नई किताबों की सूची एसएसजे विश्वविद्यालय को भेजी है।
चंपावत महाविद्यालय में 1352 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय में स्नातक में कला, विज्ञान, वाणिज्य और स्नातकोत्तर में एमए हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, अर्थशास्त्र, एमएससी में रसायन, जीव, वनस्पति विज्ञान में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं दशकों से पुरानी किताबों से अध्ययन कर रहे हैं। लाइब्रेरी में नई किताबें न होने के कारण लंबे समय से छात्र-छात्राएं पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद भी पुराने सिलेबस वाली किताबों से पढ़ना बेहद मुश्किल हो रहा था। अब एनईपी के तहत किताबें मिलने से छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी। कैंपस प्रभारी डॉ. जगदीपक जोशी ने बताया कि एनईपी के तहत करीब छह किताबों की सूची बनाकर भेजी है। संवाद
कोट
नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है और महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। एनईपी के तहत किताबें उपलब्ध होने पर पढ़ाई आसान होगी।
विज्ञापन
- राहुल, छात्र, चंपावत।
नई किताबें मिलने के बाद पढ़ाई आसान और सरल होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं के लिए किताब खरीद पाना आसान नहीं होता है। वह पुरानी किताब से पढ़ने के लिए मजबूर रहते हैं।
-दीपक जोश, छात्र, चंपावत।
विज्ञापन
चंपावत महाविद्यालय में 1352 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय में स्नातक में कला, विज्ञान, वाणिज्य और स्नातकोत्तर में एमए हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, अर्थशास्त्र, एमएससी में रसायन, जीव, वनस्पति विज्ञान में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं दशकों से पुरानी किताबों से अध्ययन कर रहे हैं। लाइब्रेरी में नई किताबें न होने के कारण लंबे समय से छात्र-छात्राएं पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद भी पुराने सिलेबस वाली किताबों से पढ़ना बेहद मुश्किल हो रहा था। अब एनईपी के तहत किताबें मिलने से छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी। कैंपस प्रभारी डॉ. जगदीपक जोशी ने बताया कि एनईपी के तहत करीब छह किताबों की सूची बनाकर भेजी है। संवाद
विज्ञापन
कोट
नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है और महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। एनईपी के तहत किताबें उपलब्ध होने पर पढ़ाई आसान होगी।
विज्ञापन
- राहुल, छात्र, चंपावत।
नई किताबें मिलने के बाद पढ़ाई आसान और सरल होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं के लिए किताब खरीद पाना आसान नहीं होता है। वह पुरानी किताब से पढ़ने के लिए मजबूर रहते हैं।
-दीपक जोश, छात्र, चंपावत।