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अब पर्यटक आवास गृह निजीकरण की राह पर
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श्यामलाताल का जीर्णशीर्ण पर्यटक आवास गृह। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के पर्यटक आवास गृह (टीआरएच) अब निजीकरण की राह पर हैं। निगम ने बाकायदा इसकी शुरुआत भी कर दी है। कुमाऊं के 12 टीआरएच इस फेहरिस्त में शामिल हैं। इन्हें किराये पर लेने वालों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। इस फैसले के खिलाफ केएमवीएन कर्मचारी महासंघ के स्वर मुखर हो गए हैं।
कुमाऊं मंडल के कुल 45 में से छह टीआरएच पहले ही पीपीपी (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) मोड पर दिए जा चुके हैं। अब 12 अन्य टीआरएच निजी क्षेत्र में दिए जा रहे हैं। इसके लिए निगम के प्रबंध निदेशक ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन सभी टीआरएच को एक वर्ष के लिए निजी व्यक्तियों को किराए पर दिया जाएगा। इसके अलावा पर्यटक सूचना केंद्र नौकुचियाताल स्थित कक्ष को बार के रूप में संचालित किया जाएगा।
चंपावत के तीन टीआरएच में से दो निजी क्षेत्र में
चंपावत। जिले में कुल सात पर्यटक आवास गृह हैं। इनमें से तीन मां पूर्णागिरि धाम (टुन्नास), श्यामलाताल नंबर एक और खेतीखान पहले ही पीपीपी मोड में हैं। अब 16 शैय्याओं वाला टीआरएच चंपावत और 28 शैय्याओं वाला लोहाघाट को किराये पर देन के लिए प्रस्तावित किया गया है। अब 62 शैय्याओं वाले टनकपुर, श्यामलाताल का नया टीआरएच का संचालन ही निगम करेगा।
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इन शहरों के पर्यटक आवास गृह किराए पर दिए जाएंगे
चंपावत, लोहाघाट, श्यामलाताल, नानकमत्ता, काकड़ीघाट, दुघौली, पाताल भुवनेश्वर, दन्या, थल, पदमपुरी, भिकियासैण और रानीखेत का मोनाल।
इन पर्यटक सूचना केंद्रों को किराए पर दिया जाएगा
सतगढ़, तेजम, भूलीगांव, झूनाघाट और चौखुटिया को मासिक किराये पर दिया जाएगा।
आज विरोध करेंगे निगम कर्मी
केएमवीएन प्रबंधन कुमाऊं मंडल के पर्यटक आवास गृहों का निजीकरण करने पर आमादा है। इस कदम से न केवल सार्वजनिक संपत्तियां भी निजी हाथों में सौंपने की गुपचुप मंशा है, बल्कि लोगों को रोजगार से भी हाथ धोना पड़ेगा। निगम के कर्मचारी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसे लेकर बुधवार को कर्मी नैनीताल के निगम मुख्यालय में विरोध जताएंगे। - दिनेश गुरुरानी, केंद्रीय अध्यक्ष,
केएमवीएन कर्मचारी महासंघ।
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कुमाऊं मंडल के कुल 45 में से छह टीआरएच पहले ही पीपीपी (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) मोड पर दिए जा चुके हैं। अब 12 अन्य टीआरएच निजी क्षेत्र में दिए जा रहे हैं। इसके लिए निगम के प्रबंध निदेशक ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन सभी टीआरएच को एक वर्ष के लिए निजी व्यक्तियों को किराए पर दिया जाएगा। इसके अलावा पर्यटक सूचना केंद्र नौकुचियाताल स्थित कक्ष को बार के रूप में संचालित किया जाएगा।
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चंपावत के तीन टीआरएच में से दो निजी क्षेत्र में
चंपावत। जिले में कुल सात पर्यटक आवास गृह हैं। इनमें से तीन मां पूर्णागिरि धाम (टुन्नास), श्यामलाताल नंबर एक और खेतीखान पहले ही पीपीपी मोड में हैं। अब 16 शैय्याओं वाला टीआरएच चंपावत और 28 शैय्याओं वाला लोहाघाट को किराये पर देन के लिए प्रस्तावित किया गया है। अब 62 शैय्याओं वाले टनकपुर, श्यामलाताल का नया टीआरएच का संचालन ही निगम करेगा।
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इन शहरों के पर्यटक आवास गृह किराए पर दिए जाएंगे
चंपावत, लोहाघाट, श्यामलाताल, नानकमत्ता, काकड़ीघाट, दुघौली, पाताल भुवनेश्वर, दन्या, थल, पदमपुरी, भिकियासैण और रानीखेत का मोनाल।
इन पर्यटक सूचना केंद्रों को किराए पर दिया जाएगा
सतगढ़, तेजम, भूलीगांव, झूनाघाट और चौखुटिया को मासिक किराये पर दिया जाएगा।
आज विरोध करेंगे निगम कर्मी
केएमवीएन प्रबंधन कुमाऊं मंडल के पर्यटक आवास गृहों का निजीकरण करने पर आमादा है। इस कदम से न केवल सार्वजनिक संपत्तियां भी निजी हाथों में सौंपने की गुपचुप मंशा है, बल्कि लोगों को रोजगार से भी हाथ धोना पड़ेगा। निगम के कर्मचारी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसे लेकर बुधवार को कर्मी नैनीताल के निगम मुख्यालय में विरोध जताएंगे। - दिनेश गुरुरानी, केंद्रीय अध्यक्ष,
केएमवीएन कर्मचारी महासंघ।