फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Now construction will completed with contribution

अब जन सहयोग से पूरा होगा शहीद स्मारक

Sat, 13 Apr 2019 10:48 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन कमल जोशी  चंपावत।
कमल जोशी  चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Sat, 13 Apr 2019 10:48 PM IST
विज्ञापन
Now construction will completed with contribution
चंपावत का अधूरा पड़ा शहीद स्मारक। - फोटो : अमर उजाला
कई युद्धों में वीरता की अद्भुत मिसाल पेश करने वाला चंपावत जिला एक अदद शहीद स्मारक को तरस रहा है। चार साल पूर्व सैनिक कल्याण विभाग परिसर में एक स्मारक के काम की शुरुआत हुई लेकिन धन की कमी से यह काम लंबे समय से लटका है। अब पूर्व सैनिक कल्याण अधिकारी ने खुद ही इस काम को आगे बढ़ाने की पहल की है। विभाग इसके लिए जन सहयोग लेगा। 
विज्ञापन


उत्तराखंड राज्य बने 18 साल से अधिक हो गए हैं लेकिन इस जिले में शहीदों की स्मृतियों को संजोने के लिए एक भी स्मारक नहीं बन सका है। सैनिक कल्याण विभाग के मुताबिक आजादी के बाद से अब तक चंपावत जिले में कुल 72 शहीद हुए। इन तमाम शहीदों की स्मृति में सामूहिक रूप से एक शहीद स्मारक का निर्माण पांच वर्ष पूर्व सैनिक कल्याण विभाग परिसर में शुरू किया गया।
विज्ञापन


धन की कमी से स्मारक का काम बंद हो गया। सैनिक कल्याण विभाग का कहना है कि शहीद स्मारक में शहीदों के नामों के अंकन, प्लेटफार्म से लेकर फिनिशिंग का काम बचा हुआ है। अब जिला पूर्व सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (रिटायर्ड) एमएस जोधा ने अपने स्तर से पहल शुरू की है। वे खुद पांच हजार रुपये की राशि देने के साथ विभागीय कर्मी-अधिकारियों के अलावा आम लोगों के सहयोग से इस शहीद स्मारक को पूरा कराएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन



हवाई रहा हरीश रावत का एलान 
जनवरी 2016 में चंपावत के दौरे पर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चंपावत के अधूरे पड़े शहीद स्मारक को पूरा करने के लिए चार लाख रुपये देने का एलान किया था लेकिन उनकी ये घोषणा अब तक पूरी नहीं हो सकी है। 


देश की सुरक्षा के लिए शहादत देने वाले शहीदों की याद को बनाए रखने के लिए शहीद स्मारक क्षेत्र की शान होती है लेकिन चंपावत में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक नहीं है। अब वे खुद और विभागीय स्तर पर सहयोग के अलावा आम नागरिकों से सहयोग लेकर यहां के शहीद स्मारक के अधूरे काम को पूरा कराएंगे। 
कर्नल (रिटायर्ड) एमएस जोधा जिला पूर्व सैनिक कल्याण अधिकारी, चंपावत। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed