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मां पूर्णागिरि धाम: श्रद्धालुओं के खुले में शौच पर एई को नोटिस
Mon, 03 Apr 2023 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 03 Apr 2023 11:57 PM IST
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बनबसा के मेला क्षेत्र में फैली गंदगी। संवाद
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चंपावत। मां पूर्णागिरि धाम के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बनबसा कैनाल के मेला क्षेत्र में खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी तस्दीक जांच के बाद खुद प्रशासन ने की है। साथ ही मेला क्षेत्र में फैली गंदगी से महामारी की भी आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए टनकपुर के उप जिला मजिस्ट्रेट सुंदर सिंह ने यूपी के शारदा नहर बरेली के हेडवर्क्स खंड बनबसा के सहायक अभियंता को सोमवार को सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा 133 के अंतर्गत नोटिस भेजा है।
भाजपा नेता मुनीर खान की शिकायत के बाद तहसीलदार और बनबसा के ईओ ने जांच कर आरोपों को सही पाया। कैनाल मेला क्षेत्र में बने शौचालयों के उपयोग के लिए हर श्रद्धालु से दस रुपये वसूले जा रहे हैं जिस कारण बड़ी संख्या में लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। खुले में शौच के कारण गंदगी, दुर्गंध, कूड़े से महामारी का खतरा हो सकता है।
एसडीएम सुंदर सिंह की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शौच के लिए शुल्क लिए जाने से श्रद्धालु खुले में शौच जाने को मजबूर है। इससे होने वाली गंदगी से आम लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने के साथ महामारी का खतरा पैदा हो सकता है। एसडीएम ने नोटिस मिलने के बाद व्यवस्था ठीक करने की कैनाल के एई को हिदायत दी है। ऐसा नहीं होने पर 11 अप्रैल को एसडीएम अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
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मेले में व्यवस्थाओं के लिए अनुदान नहीं मिलता है। सभी व्यवस्थाएं विभागीय संसाधनों से करते हैं। बिजली, पानी के अलावा 16 शौचालय बनाए गए हैं। इससे व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया है। दुकानों और वाहनों से शुल्क जरूर लिया जाता है। इस राशि को बरेली और चंपावत के संयुक्त खाते में जमा कराया जाता है।
- प्रशांत कुमार वर्मा, एई, शारदा नहर हैडवर्क्स, उपखंड बनबसा।
भाजपा नेता मुनीर खान की शिकायत के बाद तहसीलदार और बनबसा के ईओ ने जांच कर आरोपों को सही पाया। कैनाल मेला क्षेत्र में बने शौचालयों के उपयोग के लिए हर श्रद्धालु से दस रुपये वसूले जा रहे हैं जिस कारण बड़ी संख्या में लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। खुले में शौच के कारण गंदगी, दुर्गंध, कूड़े से महामारी का खतरा हो सकता है।
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एसडीएम सुंदर सिंह की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शौच के लिए शुल्क लिए जाने से श्रद्धालु खुले में शौच जाने को मजबूर है। इससे होने वाली गंदगी से आम लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने के साथ महामारी का खतरा पैदा हो सकता है। एसडीएम ने नोटिस मिलने के बाद व्यवस्था ठीक करने की कैनाल के एई को हिदायत दी है। ऐसा नहीं होने पर 11 अप्रैल को एसडीएम अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
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मेले में व्यवस्थाओं के लिए अनुदान नहीं मिलता है। सभी व्यवस्थाएं विभागीय संसाधनों से करते हैं। बिजली, पानी के अलावा 16 शौचालय बनाए गए हैं। इससे व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया है। दुकानों और वाहनों से शुल्क जरूर लिया जाता है। इस राशि को बरेली और चंपावत के संयुक्त खाते में जमा कराया जाता है।
- प्रशांत कुमार वर्मा, एई, शारदा नहर हैडवर्क्स, उपखंड बनबसा।