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छात्र ही पढ़ा रहे छात्रों को
अमर उजाला ब्यूराे पाटी (चंपावत)।
Updated Wed, 02 May 2018 10:53 PM IST
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आदर्श जीआईसी पाटी में शिक्षकों की कमी के चलते कई बार छात्र ही छात्रों को पढ़ाते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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पाटी के राजकीय इंटर कॉलेज को आदर्श स्कूल का दर्जा दिया गया है, लेकिन कॉलेज को आदर्श बनाने के लिए गुरुओं की कमी को दूर नहीं किया जा सका है। नतीजतन इंटर के विषयों को पढ़ाने के लिए महज तीन प्रवक्ता हैं। छह प्रवक्ताओं की कमी से महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं होने से छात्रों को ही अन्य छात्रों को पढ़ाना पढ़ता है। इस कारण 2016 में 421 छात्रों वाले इस कॉलेज में अब महज 320 छात्र रह गए हैं।
वर्ष 2000 में हाईस्कूल से उच्चीकृत होकर जीआईसी बने पाटी को दो साल पहले आदर्श विद्यालय में शुमार तो कर दिया गया पर यहां शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका। नौ प्रवक्ताओं में से छह पद खाली है। रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, हिंदी, भूगोल एवं अर्थशास्त्र विषय को पढ़ाने के लिए एक भी प्रवक्ता नहीं है।
इंटर में सिर्फ तीन विषय अंग्रेजी, भौतिक शास्त्र, राजनीति शास्त्र में प्रवक्ता हैं। छात्रों का कहना है कि प्रवक्ताओं की कमी उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर रही हैं। इस वजह से परीक्षाओं में उनके अंक भी कम आते हैं। सिर्फ प्रवक्ता ही नहीं, प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। इसके चलते कॉलेज के प्रशासनिक कामकाज को निपटाने में परेशानी होती है।
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शिक्षकों के लिए करेंगे आंदोलन
अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कई बार आवाज उठा चुका है पर उनकी मांग को भी दरकिनार कर दिया गया। अब पीटीए अध्यक्ष मदन राम और एसएमसी अध्यक्ष प्रकाश राम का कहना है कि 31 मई तक शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर जून से आंदोलन किया जाएगा।
पिछले शिक्षा सत्र तक अतिथि शिक्षकों की वजह से स्कूल में शिक्षण कार्य चल रहा था, मगर नए शिक्षा सत्र से उन्हें हटाए जाने से इंटर के छह विषयों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। एलटी शिक्षकों के जरिये इंटर के छात्रों को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। - अंबरीष शर्मा, प्रभारी प्रधानाचार्य, जीआईसी, पाटी।
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वर्ष 2000 में हाईस्कूल से उच्चीकृत होकर जीआईसी बने पाटी को दो साल पहले आदर्श विद्यालय में शुमार तो कर दिया गया पर यहां शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका। नौ प्रवक्ताओं में से छह पद खाली है। रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, हिंदी, भूगोल एवं अर्थशास्त्र विषय को पढ़ाने के लिए एक भी प्रवक्ता नहीं है।
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इंटर में सिर्फ तीन विषय अंग्रेजी, भौतिक शास्त्र, राजनीति शास्त्र में प्रवक्ता हैं। छात्रों का कहना है कि प्रवक्ताओं की कमी उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर रही हैं। इस वजह से परीक्षाओं में उनके अंक भी कम आते हैं। सिर्फ प्रवक्ता ही नहीं, प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। इसके चलते कॉलेज के प्रशासनिक कामकाज को निपटाने में परेशानी होती है।
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शिक्षकों के लिए करेंगे आंदोलन
अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कई बार आवाज उठा चुका है पर उनकी मांग को भी दरकिनार कर दिया गया। अब पीटीए अध्यक्ष मदन राम और एसएमसी अध्यक्ष प्रकाश राम का कहना है कि 31 मई तक शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर जून से आंदोलन किया जाएगा।
पिछले शिक्षा सत्र तक अतिथि शिक्षकों की वजह से स्कूल में शिक्षण कार्य चल रहा था, मगर नए शिक्षा सत्र से उन्हें हटाए जाने से इंटर के छह विषयों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। एलटी शिक्षकों के जरिये इंटर के छात्रों को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। - अंबरीष शर्मा, प्रभारी प्रधानाचार्य, जीआईसी, पाटी।