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न सड़क न सेहत, बस डोली का आसरा
उजाला ब्यूरो चंपावत।
Updated Wed, 19 Sep 2018 10:12 PM IST
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डोली के सहारे अस्पताल ले जाते गड्यूड़ा गांव के बुजुर्ग मरीज को।
- फोटो : अमर उजाला
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गड्यूड़ा ग्राम पंचायत के गूंठा गांव के लोग सड़क और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने का खामियाजा भुगत रहे हैं। सड़क न होने से गूंठा गांव के बुजुर्ग मरीज को दो घंटे में पांच किमी तक डोली के सहारे सड़क तक लाना पड़ा जिसके बाद वह अस्पताल पहुंच पाए।
गूंठा गांव के किशन नाथ (59) पुत्र मुकुल नाथ दमा रोग से पीड़ित है। बुधवार सुबह एकाएक उनकी तबियत बिगड़ गई। गांव के लोगों ने उन्हें डोली के जरिए सड़क तक भिंगराड़ा पहुंचाया। पांच किमी की इस दूरी को तय करने में दो घंटे लगे। फिर भिंगराड़ा से 63 किमी दूर यहां अस्पताल लाया गया।
इलाज के बाद किशन नाथ की हालत में सुधार हुआ। क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश गिरि, भीम गिरि, प्रकाशनाथ, गणेश गिरि, देव गिरि, नवीन नाथ, पुष्कर मथैला आदि ने डोली को सहारा दिया। ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य सुविधा में सुधार की मांग की है।
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गूंठा गांव के किशन नाथ (59) पुत्र मुकुल नाथ दमा रोग से पीड़ित है। बुधवार सुबह एकाएक उनकी तबियत बिगड़ गई। गांव के लोगों ने उन्हें डोली के जरिए सड़क तक भिंगराड़ा पहुंचाया। पांच किमी की इस दूरी को तय करने में दो घंटे लगे। फिर भिंगराड़ा से 63 किमी दूर यहां अस्पताल लाया गया।
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इलाज के बाद किशन नाथ की हालत में सुधार हुआ। क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश गिरि, भीम गिरि, प्रकाशनाथ, गणेश गिरि, देव गिरि, नवीन नाथ, पुष्कर मथैला आदि ने डोली को सहारा दिया। ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य सुविधा में सुधार की मांग की है।
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