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सड़क के इंतजार में पथरा गई कायल गांव के लोगों की आंखें
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सड़क सुविधा से वंचित नेपाल सीमा से लगे कायल गांव में लहलहाती फसल।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के नेपाल सीमा से लगा कायल गांव बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहा है। गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यहां से लगातार लोगों का पलायन होता जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गांव के लिए सड़क बनने की आस जगी है।
नगर से करीब 25 किमी दूर कायल ग्राम पंचायत में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा की कोई सुविधा नहीं है। सुविधाओं की कमी के कारण यहां के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए कई लोग गांव से दूरी बनाकर यहां से अन्यत्र पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। ग्राम पंचायत के डनगांव तोक से करीब 35, कायल से 47, भोजनी से 27, लोजनी से 19 लोग यहां से पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों को डनगांव तक करीब छह किमी दुर्गम रास्तों पर चलना पड़ता है। गर्भवती, बुजुर्गों, बीमारों को डोली के सहारे से डनगांव या डुंगराबोरा ले जाना होता है। पांचवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। गांव में बैंक शाखा या डाकघर न होने से वृद्धों को पेंशन के लिए लोहाघाट की दौड़ लगानी पड़ती है।
डनगांव से कायल तक सड़क बनाने के लिए समरेखन होना है। इसके लिए अधीक्षण अभियंता पिथौरागढ़ के कार्यालय में पत्रावली भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद अगली कार्यवाही की जाएगी। - बृजेश ठाकुर, सहायक अभियंता, लोनिवि चंपावत।
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नगर से करीब 25 किमी दूर कायल ग्राम पंचायत में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा की कोई सुविधा नहीं है। सुविधाओं की कमी के कारण यहां के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए कई लोग गांव से दूरी बनाकर यहां से अन्यत्र पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। ग्राम पंचायत के डनगांव तोक से करीब 35, कायल से 47, भोजनी से 27, लोजनी से 19 लोग यहां से पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों को डनगांव तक करीब छह किमी दुर्गम रास्तों पर चलना पड़ता है। गर्भवती, बुजुर्गों, बीमारों को डोली के सहारे से डनगांव या डुंगराबोरा ले जाना होता है। पांचवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। गांव में बैंक शाखा या डाकघर न होने से वृद्धों को पेंशन के लिए लोहाघाट की दौड़ लगानी पड़ती है।
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डनगांव से कायल तक सड़क बनाने के लिए समरेखन होना है। इसके लिए अधीक्षण अभियंता पिथौरागढ़ के कार्यालय में पत्रावली भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद अगली कार्यवाही की जाएगी। - बृजेश ठाकुर, सहायक अभियंता, लोनिवि चंपावत।
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