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ओटी मशीन धूल फांक रहे, डॉक्टरों के होने पर भी नहीं हो रही सर्जरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 12:06 AM IST
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No Operation in Tanakpur Hospital
टनकपुर उप जिला अस्पताल के इस ऑपरेशन थिएटर में वर्षों से नहीं हुई सर्जरी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। सर्जरी के लिए किसी अस्पताल में सर्जन और सर्जरी से पहले मरीज को बेहोश करने के लिए निश्चेतक चाहिए लेकिन दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के बावजूद जिले के प्रवेशद्वार टनकपुर के उप जिला अस्पताल (एसडीएच) में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इस कारण मरीजों को ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है।
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एसडीएच में तीन साल से निश्चेतक और सर्जन दोनों हैं, लेकिन फिर भी मरीजों के लिए ऑपरेशन थियेटर के दरवाजे बंद हैं। अस्पताल में एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ है जबकि इस अवधि में 185 से अधिक लोगों को छोटे-बड़ी सर्जरी की नौबत आई। इन सभी लोगों को या तो निजी अस्पताल या सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) हल्द्वानी जाना पड़। दोनों स्थितियों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि जेब भी ढीली हो रही है जबकि यहां ओटी की मशीनें धूल फांक रहीं हैं। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी का कहना है कि ब्लड बैंक न होने के कारण यहां ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। ऑपरेशन के लिए खून की जरूरत होने पर 75 किमी दूर चंपावत जाना पड़ता है। उन्होंने जल्द ही छोटे ऑपरेशन शुरू करने की बात कही है।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा को संवारने के लिए प्रशासनिक कवायद शुरू हुई है। इसके तहत चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के खाली पदों को वाह्यस्रोत से भरने की अनुमति दी। एसडीएच में रेडियोलॉजिस्ट, फिजिशियन, चर्म रोग, पैथोलॉजिस्ट, बाल रोग, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद खाली हैं।
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डीएच में डेढ़ साल में हुए 773 ऑपरेशन
चंपावत। जिले में सिर्फ जिला अस्पताल में ही सर्जरी हो रही है। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी ने बताया कि सर्जन डॉ. राहुल चौहान और हिमांशु पांडेय पिछले साल 2021 से डीएच में 773 ऑपरेशन कर चुके हैं। इनमें 330 बड़े और 443 छोटे ऑपरेशन शामिल हैं। वर्ष 2021 में कुल 511 और 2022 में कुल 262 ऑपरेशन हुए हैं।
अल्ट्रासाउंड परीक्षण की नियमित सुविधा भी नहीं
टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड परीक्षण की भी नियमित सुविधा नहीं है। रेडियोलॉजिस्ट की कुर्सी जून 2015 से खाली है। दिसंबर 2020 से लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया हफ्ते में दो दिन टनकपुर में अल्ट्रासाउंड परीक्षण करते हैं।
सृजित पदों से अधिक डॉक्टरों की है तैनाती
टनकपुर (चंपावत)। चंपावत जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित डॉक्टरों के कुल 111 पद सृजित हैं। अनुबंध वाले डॉक्टरों सहित चंपावत जिले में कुल 122 डॉक्टर हैं। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 77 स्थायी और 45 अनुबंध वाले डॉक्टर हैं। जिले में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। एक भी न्यूरो सर्जन, हृदयरोग विशेषज्ञ, चर्म रोग, प्लास्टिक सर्जन नहीं हैं।

जिले में सिर्फ चंपावत डीएच में ही ऑपरेशन हो रहे हैं। टनकपुर में ऑपरेशन न होने की वजह का पता नहीं है। इसका पता लगा कमियों को दूर कर जल्द ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. इंद्रजीत पांडेय, प्रभारी सीएमओ, चंपावत।
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