{"_id":"61b7a38e80930e7f7a6650c2","slug":"no-jail-in-champawat-champawat-news-hld4475379118","type":"story","status":"publish","title_hn":"13 साल में नहीं बना जेल भवन, अब नई जगह बनेगी जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
13 साल में नहीं बना जेल भवन, अब नई जगह बनेगी जेल
विज्ञापन
चंपावत का वर्षों से लटका जेल भवन, जिसमें अब खेल विभाग का कार्यालय और इंडोर कोर्ट प्रस्तावित किया ?
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गिरीश बिष्ट
चंपावत। अप्रैल 2008 और दिसंबर 2021। तब भी भाजपा की सरकार थी और आज भी भाजपा ही काबिज है। 13 साल पहले शिलान्यास के बावजूद चंपावत का जिला जेल भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। अब इस आधे-अधूरे निर्माण स्थल पर भी जेल नहीं बनेगी जबकि नई जगह की तलाश भी पूरी नहीं हुई है।
चंपावत में अप्रैल 2008 में भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने जिला पंचायत कार्यालय के पास जिला जेल भवन की नींव रखी, लेकिन 13 साल और आठ माह बाद भी जेल भवन नहीं बन सका। एक करोड़ रुपये भूमि के मुआवजे में और 1.22 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च हुए। इससे जेल की महज चहारदीवारी ही बन सकी। इसके लिए 15 करोड़ रुपये और मांगे गए लेकिन वह राशि नहीं मिली। इस कारण 2012 में हुआ निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।
निर्माणाधीन जेल भवन का स्थान शहर के केंद्र में होने के कारण इसकी जगह बदलने की आवाज उठी तो इसका समर्थन कर विधायक कैलाश गहतोड़ी ने जेल भवन को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने की पैरवी की। इसके बाद मुख्य सचिव से वार्ता के बाद डीएम विनीत तोमर ने खेल विभाग से जेल वाली जगह पर खेल विभाग के लिए इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
पुरानी जगह नहीं मिलेगी, नई जगह का पता नहीं
चंपावत। जिला पंचायत कार्यालय के पास निर्माणाधीन जिला जेल भवन का न बनना करीब तय है, लेकिन नया जेल भवन कहां बनेगा, यह तय नहीं है। इसके लिए प्रशासन नई जगह तलाशने की बात कह रहा है। इसके तहत गौड़ी क्षेत्र के आसपास जेल परिसर के लिए जमीन मिलने की उम्मीद है। संवाद
लोहाघाट बंदीगृह से चल रहा काम
चंपावत। 24 साल पहले सृजित चंपावत जिले में जिला जेल न होने से जिले के विचाराधीन कैदियों को लोहाघाट बंदीगृह में रखा जाता है लेकिन इस बंदीगृह में भी सिर्फ चार कमरे हैं। इसमें दिक्कतों के बीच कैदियों को रखना चुनौतीपूर्ण रहता है। 30 की क्षमता के सापेक्ष इस वक्त 49 कैदी हैं।
विज्ञापन
चंपावत। अप्रैल 2008 और दिसंबर 2021। तब भी भाजपा की सरकार थी और आज भी भाजपा ही काबिज है। 13 साल पहले शिलान्यास के बावजूद चंपावत का जिला जेल भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। अब इस आधे-अधूरे निर्माण स्थल पर भी जेल नहीं बनेगी जबकि नई जगह की तलाश भी पूरी नहीं हुई है।
चंपावत में अप्रैल 2008 में भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने जिला पंचायत कार्यालय के पास जिला जेल भवन की नींव रखी, लेकिन 13 साल और आठ माह बाद भी जेल भवन नहीं बन सका। एक करोड़ रुपये भूमि के मुआवजे में और 1.22 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च हुए। इससे जेल की महज चहारदीवारी ही बन सकी। इसके लिए 15 करोड़ रुपये और मांगे गए लेकिन वह राशि नहीं मिली। इस कारण 2012 में हुआ निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।
विज्ञापन
निर्माणाधीन जेल भवन का स्थान शहर के केंद्र में होने के कारण इसकी जगह बदलने की आवाज उठी तो इसका समर्थन कर विधायक कैलाश गहतोड़ी ने जेल भवन को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने की पैरवी की। इसके बाद मुख्य सचिव से वार्ता के बाद डीएम विनीत तोमर ने खेल विभाग से जेल वाली जगह पर खेल विभाग के लिए इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
पुरानी जगह नहीं मिलेगी, नई जगह का पता नहीं
चंपावत। जिला पंचायत कार्यालय के पास निर्माणाधीन जिला जेल भवन का न बनना करीब तय है, लेकिन नया जेल भवन कहां बनेगा, यह तय नहीं है। इसके लिए प्रशासन नई जगह तलाशने की बात कह रहा है। इसके तहत गौड़ी क्षेत्र के आसपास जेल परिसर के लिए जमीन मिलने की उम्मीद है। संवाद
लोहाघाट बंदीगृह से चल रहा काम
चंपावत। 24 साल पहले सृजित चंपावत जिले में जिला जेल न होने से जिले के विचाराधीन कैदियों को लोहाघाट बंदीगृह में रखा जाता है लेकिन इस बंदीगृह में भी सिर्फ चार कमरे हैं। इसमें दिक्कतों के बीच कैदियों को रखना चुनौतीपूर्ण रहता है। 30 की क्षमता के सापेक्ष इस वक्त 49 कैदी हैं।