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किशोर की मौत की तीन हफ्ते बाद भी जांच नहीं हुई शुरू

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 12:00 AM IST
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No Investigation of Accident in Champawat
No Investigation of Accident in Champawat
चंपावत। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के 17 साल के एक किशोर की 20 मार्च को पूर्णागिरि क्षेत्र में इलाज नहीं मिलने से हुई मौत के लिए कौन कसूरवार है? स्वास्थ्य विभाग की कितनी खामी थी? इसकी जांच का कोई अतापता नहीं है। 21 मार्च को गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच तीन दिन में पूरी करनी थी। जांच दल को मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य कैंप नहीं लगने से लेकर स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ की गैर मौजूदगी और अन्य लापरवाहियों की पड़ताल करनी थी लेकिन तीन सप्ताह बीतने के बावजूद अभी जांच ही शुरू नहीं हो सकी है।
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20 मार्च को पूर्णागिरि देवी दर्शन के लिए अपने चाचा और गांव के कुछ लोगों के साथ आए अयोध्यापुर गांव के दीपक वर्मा (17) पुत्र विजय वर्मा की भैरव मंदिर और काली मंदिर के बीच चढ़ाई में एकाएक बेहोश हो जाने के बाद मौत हो गई थी। चाचा सुदीप वर्मा का कहना था कि पूर्णागिरि धाम मेला क्षेत्र में कहीं भी इलाज नहीं मिला और उसके बाद रास्ते में करीब 45 मिनट जाम में फंसने से टनकपुर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दीपक ने दम तोड़ दिया। डीएम विनीत तोमर के आदेश के बाद सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने 21 मार्च को स्वास्थ्य विभाग का तीन ( जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी के नेतृत्व में गठित जांच दल के सदस्य एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय और फिजिशियन डॉ. अजय कुमार) सदस्यीय जांच दल बनाया लेकिन न अभी जांच दल पूर्णागिरि क्षेत्र पहुंचा है और न ही जांच शुरू हो सकी है।
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जांच टीम ने व्यस्तता की बात कह अभी जांच शुरू नहीं की है। जांच टीम को इस सप्ताह हर हाल में जांच पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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ककनई हादसे का जिम्मेदार कौन, पता नहीं
चंपावत। ककनई-डांडा क्षेत्र के लिए 21 फरवरी का दिन काला दिन था। रात के वक्त यहां बरात की एक जीप के 300 मीटर गहरी खाई में लुढ़कने से 14 लोगों की मौत हो गई थी। इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका पता डेढ़ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी लगा सका है। जीप हादसे के बाद मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश हुए थे लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हो सकी है। अलबत्ता अब तक मिले संकेत हादसे के लिए चालक सहित कई यात्रियों के नशे में होने को इसकी बड़ी वजह बताते हैं। चालक सहित अधिकतर पुरुष सवारियों के शराब के नशे में होने की बात कई गवाहों के बयान में उजागर हुई है।

मजिस्ट्रेटी जांच अंतिम चरण में है। बयान, घटनास्थल के मुआयने सहित अधिकतर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बस अब घायल चालक के बयान लिए जाने हैं। इसी माह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी। - हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।
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