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विस्फोट नहीं, नई तकनीक से काटी जा रही है चट्टान

Sun, 24 Dec 2017 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत Updated Sun, 24 Dec 2017 10:43 PM IST
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No explosion, rock closing with new technology
टीजे मोटर मार्ग में मां पूर्णागिरि धाम के नजदीक चट्टान को काटते उपकरण - फोटो : अमर उजाला

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चंपावत। नेपाल सीमा से लगी निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मोटर मार्ग का पहला हिस्सा (पैकेज) ठुलीगाड़ से चूका तक का 17 किलोमीटर अगले साल जनवरी माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। इस मार्ग में कठोर चट्टान को तोड़ने में विस्फोट के बजाय नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। रॉकब्रेकर के जरिए चट्टान को काटा जा रहा है। विस्फोट नहीं करने की वजह इस पहाड़ी के मां पूर्णागिरि धाम मंदिर से लगा होना है।

टीजे मोटर मार्ग में ठुलीगाड़ से रूपालीगाड़ तक 190 करोड़ रुपये की लागत से दो पैकेजों में कुल 43 किमी मार्ग की कटिंग होनी है। इसके अलावा अवस्थापना निगम लधिया नदी पर 690 मीटर लंबे पुल का निर्माण करेगा। ठुलीगाड़ से चूका तक के 17.875 किमी हिस्से में से 17 किमी से अधिक मार्ग की कटिंग पूरी हो चुकी है। अलबत्ता यहां मां पूर्णागिरि धाम के निचले हिस्से की पहाड़ी से लगी चट्टान मार्ग के पूरा होने में फिलहाल अवरोध बनी हुई है। 
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काली नदी के किनारे इस चट्टान के बीच से सड़क निकालने की बड़ी चुनौती है। परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के अधिशासी अभियंता बीसी पंत ने बताया कि इस मार्ग में दो जगह (अंग्रेजी पहाड़ी और भवानी नाले) करीब 300 मीटर में बेहद कठोर चट्टान है। मां पूर्णागिरि धाम की पहाड़ी के करीब होने से यहां विशेष एहतियात बरता जा रहा है। इसके लिए विस्फोट के स्थान पर रॉकब्रेकर का उपयोग किया जा रहा है। 
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सहायक अभियंता अनुपम राय का कहना है कि पोकलैंड मशीन के आगे ब्लेड कटर का उपयोग कर चट्टान को काटा जा रहा है। करीब 60 फीट ऊंची अंग्रेजी पहाड़ी वाली चट्टान के बीच से सड़क को निकाला जाएगा। दोनों चट्टानों के कटने के बाद यह मार्ग ठुलीगाड़ से चूका तक मिल जाएगा।

नया चरण मंदिर बनाया
मां पूर्णागिरि धाम के निचले हिस्से में 20वीं सदी से चरण मंदिर है। सड़क की कटिंग के चलते मूल चरण मंदिर टूटने के कगार पर है। इसके चलते मूल मंदिर के नजदीक कार्यदायी संस्था ने नया चरण मंदिर बनाया है। पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मां के धाम के चरणों में स्थित चरण मंदिर पुरातन आस्था से जुड़ा है। यहां से गुजरने वाले लोग इस मंदिर को नमन कर आगे बढ़ते रहे हैं।

पैकेज दो में चार माह से बंद है काम
टीजे मोटर मार्ग के पैकेज नंबर दो (चूका से रूपालीगाड़ 24.400 किमी) में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं की पुष्टि के बाद 25 अगस्त से काम पर रोक लगा दी गई है। इस अवधि तक चूका से करीब सात किमी आगे तक मार्ग की कटिंग हुई थी। पीआईयू के ईई बीसी पंत का कहना है कि विभाग पुराने ठेकेदार के टेंडर को निरस्त कर चुका है। लेकिन नए टेंडर की अनुमति अभी नहीं मिली है।
 इसके चलते अभी काम बाधित है। इस संबंध में देहरादून न्यायालय ने नए टेंडर नहीं करने और काम की यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इस मामले में अब 2 जनवरी को सुनवाई होगी। मार्च 2019 तक मार्ग को पूरा किया जाना है, लेकिन विभाग का कहना है कि काम में अवरोध के चलते यह काम निर्धारित समय में पूरा होना कठिन है।


कोट
मां पूर्णागिरि धाम की पहाड़ी के करीब होने से यहां की दो चट्टानों को काटने में विशेष सावधानी बरती जा रही है। इसके लिए विस्फोट का उपयोग न कर रॉकब्रेकर का प्रयोग किया जा रहा है। रॉकब्रेकर की वजह से अधिक समय लग रहा है। जनवरी के अंतिम सप्ताह तक इन दोनों चट्टानों को काट सड़क निकाल ली जाएगी।
-बीसी पंत, अधिशासी अभियंता, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, टनकपुर।
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