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गीले फर्श पर बैठ पढ़ने को मजबूर नौनिहाल
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:19 PM IST
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गागर प्राथमिक विद्यालय का टूटा-फूट फर्श।
- फोटो : अमर उजाला
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पाटी विकासखंड के गागरी प्राथमिक विद्यालय में छात्रों का शैक्षिक स्तर कई प्राइवेट स्कूलों को आइना दिखाता है। शिक्षकों की मेहनत से यहां शैक्षिक माहौल उम्दा है, मगर यहां का बुनियादी ढांचा बेहद चरमराया हुआ है। नौनिहाल बरसात में गीले फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
प्रधानाध्यापक पान सिंह कुलियाल ने बताया कि गागरी स्कूल की पांच कक्षाओं में इस वक्त 17 छात्र-छात्राएं हैं। स्टाफ की तो कमी नहीं है। प्रधानाध्यापक के अलावा शिक्षक उमेश ओली हैं। बारिश के दौरान छतों के टपकने से पढ़ाई से ज्यादा सुरक्षा पर खतरा है। फर्श कई जगह टूटा है। प्रधानाध्यापक कक्ष की दीवार में दरारों के लगातार बढ़ने से स्कूल के भवन को खतरा बनता जा रहा है। क्षेत्र के शिक्षाविद सुरेंद्र सिंह बोहरा ने बुधवार को बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन किया। बताया कि बच्चों का गणित, भाषाई ज्ञान आम सरकारी स्कूलों की अपेक्षा बहुत बेहतर हैं। लेकिन स्कूल के भवन की हालत जर्जर बनी हुई है। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की मांग की है। कहा कि वर्तमान में भवन खतरे की जद में है।
शौचालय भी उपयोग लायक नहीं
गागरी के स्कूल में में बने शौचालय के हाल भी ठीक नहीं है। वर्षों पूर्व बना यहां के शौचालय की बाहरी दीवार काफी जर्जर बनी है। इस शौचालय का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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क्रासर
गागरी स्कूल के भवन का परीक्षण कराया जाएगा। जरूरत होने पर नए भवन का प्रस्ताव भेजा जाएगा। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। बरसात के दौरान विशेष सावधानी बरती जाएगी। -सत्यनारायण, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) चंपावत।
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प्रधानाध्यापक पान सिंह कुलियाल ने बताया कि गागरी स्कूल की पांच कक्षाओं में इस वक्त 17 छात्र-छात्राएं हैं। स्टाफ की तो कमी नहीं है। प्रधानाध्यापक के अलावा शिक्षक उमेश ओली हैं। बारिश के दौरान छतों के टपकने से पढ़ाई से ज्यादा सुरक्षा पर खतरा है। फर्श कई जगह टूटा है। प्रधानाध्यापक कक्ष की दीवार में दरारों के लगातार बढ़ने से स्कूल के भवन को खतरा बनता जा रहा है। क्षेत्र के शिक्षाविद सुरेंद्र सिंह बोहरा ने बुधवार को बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन किया। बताया कि बच्चों का गणित, भाषाई ज्ञान आम सरकारी स्कूलों की अपेक्षा बहुत बेहतर हैं। लेकिन स्कूल के भवन की हालत जर्जर बनी हुई है। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की मांग की है। कहा कि वर्तमान में भवन खतरे की जद में है।
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शौचालय भी उपयोग लायक नहीं
गागरी के स्कूल में में बने शौचालय के हाल भी ठीक नहीं है। वर्षों पूर्व बना यहां के शौचालय की बाहरी दीवार काफी जर्जर बनी है। इस शौचालय का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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गागरी स्कूल के भवन का परीक्षण कराया जाएगा। जरूरत होने पर नए भवन का प्रस्ताव भेजा जाएगा। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। बरसात के दौरान विशेष सावधानी बरती जाएगी। -सत्यनारायण, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) चंपावत।