टनकपुर (चंपावत)। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बरसात में शारदा नदी और विभिन्न रोखड़ों से होने वाले नुकसान का जायजा लिया। इससे बचाव के लिए उन्होंने सिंचाई विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को सड़क किनारे चोक नालियों को यथाशीघ्र खोलने के निर्देश दिए। नदी और बाढ़ के अंदेशे वाले क्षेत्रों का मुआयना करने के बाद डीएम ने कहा कि मानसूनी सीजन में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए 15 जून से पूर्व सभी ठोस कदम उठाए जाएं। इसके लिए सभी विभागों को तालमेल करना चाहिए।
एनएच पर जगबुड़ा से ककरालीगेट तक के हिस्से में नाले की 15 दिन के भीतर सफाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए डीएम ने एनएचआई के निदेशक योगेंद्र शर्मा से फोन पर भी बात की है। इसी तरह आमबाग, विष्णुपुरी, बमनपुरी सहित जलभराव के अंदेशे वाले सभी स्थानों में कारगर उपाय करने के लिए कहा गया है। नालों पर सड़क बनाने से निकासी में व्यवधान आने से जलभराव की नौबत आई है। इसके लिए दीर्घकालीन उपाय के मद्देनजर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) या आईआईटी रुड़की से डीपीआर बनाई जाएगी। खतरे वाले 80 प्रतिशत पेड़ों को हटा लिया गया है। शेष पेड़ जल्द हटाने की बात कही गई हैं। मुआयने के दौरान एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, सीओ अविनाश वर्मा समेत सिंचाई विभाग के अधिकारी भी थे।