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एनएच के ईई पर लगा 25 हजार का जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 25 Nov 2016 09:54 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के अधिशासी अभियंता के खिलाफ उत्तराखंड सूचना आयोग ने 25 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम एक माह के भीतर जमा करानी होगी। वक्त पर सूचना न देने पर यह जुर्माना लगाया गया। राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने इस 2 नवंबर 2016 को ये आदेश जारी किए हैं।
लोहाघाट के सामाजिक कार्यकर्ता हयात सिंह अधिकारी ने 3 अक्तूबर 2015 को जिलाधिकारी कार्यालय से राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरोड़खान में संचालित डामर मिक्सिंग प्लांट की पर्यावरण एवं प्रदूषण विभाग की स्वीकृति से संबंधित जानकारी मांगी। डीएम कार्यालय ने इस सूचना के अनुरोध पत्र को लोनिवि के एनएच खंड लोहाघाट को हस्तांतरित किया। विभागीय अपील के बाद भी जानकारी नहीं मिली। इसके खिलाफ अधिकारी ने इस साल 21 जून को राज्य सूचना आयोग में दूसरी अपील की।
आयोग ने विभाग के लोक सूचना अधिकारी को सूचनाएं उपलब्ध कराने के साथ ही 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। 27 अगस्त की सुनवाई में लोक सूचना अधिकारी प्रवीण गुरुरानी ने स्पष्टीकरण दिया, लेकिन इससे आयोग संतुष्ट नहीं हुआ। आयोग ने कहा कि न केवल सूचना देने में देरी की गई, बल्कि दी गई सूचनाएं भी सारहीन हैं। राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने जारी आदेश में लोक सूचना अधिकारी एनएच के अधिशासी अधिकारी प्रवीण गुरुरानी के खिलाफ 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अर्थदंड की इस रकम को एक माह के भीतर राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
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लोहाघाट के सामाजिक कार्यकर्ता हयात सिंह अधिकारी ने 3 अक्तूबर 2015 को जिलाधिकारी कार्यालय से राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरोड़खान में संचालित डामर मिक्सिंग प्लांट की पर्यावरण एवं प्रदूषण विभाग की स्वीकृति से संबंधित जानकारी मांगी। डीएम कार्यालय ने इस सूचना के अनुरोध पत्र को लोनिवि के एनएच खंड लोहाघाट को हस्तांतरित किया। विभागीय अपील के बाद भी जानकारी नहीं मिली। इसके खिलाफ अधिकारी ने इस साल 21 जून को राज्य सूचना आयोग में दूसरी अपील की।
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आयोग ने विभाग के लोक सूचना अधिकारी को सूचनाएं उपलब्ध कराने के साथ ही 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। 27 अगस्त की सुनवाई में लोक सूचना अधिकारी प्रवीण गुरुरानी ने स्पष्टीकरण दिया, लेकिन इससे आयोग संतुष्ट नहीं हुआ। आयोग ने कहा कि न केवल सूचना देने में देरी की गई, बल्कि दी गई सूचनाएं भी सारहीन हैं। राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने जारी आदेश में लोक सूचना अधिकारी एनएच के अधिशासी अधिकारी प्रवीण गुरुरानी के खिलाफ 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अर्थदंड की इस रकम को एक माह के भीतर राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
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