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स्वयं सहायता समूहों की नई भर्ती से भड़के विद्युतकर्मी

Wed, 10 Feb 2016 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट Updated Wed, 10 Feb 2016 10:42 PM IST
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विद्युत विभाग में उपनल के माध्यम से एक दशक से कार्य कर रहे विद्युतकर्मी विभाग में की जा रही स्वयं सहायता समूह की नई भर्ती से भड़क गए हैं। उन्होंने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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संविदा कर्मियों के स्थान पर विभाग स्वयं सहायता समूहों से भर्ती करने जा रहा है, जिसके लिए बकायदा विज्ञप्ति भी जारी कर दी है। संविदा कर्मचारी और संगठन के जिलाध्यक्ष बालेंद्र बिष्ट की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में विभाग के ताजा निर्णय से कर्मचारी गुस्से में थे। उनका कहना था कि दस सालों से वह लाइनों का रखरखाव करने के साथ उपसंस्थानों में कार्य करते आ रहे हैं। उनकी सेवाओं को नियमित करने की बजाय विभाग में नए सिरे से लोगों की भर्ती की जा रही है, जबकि इन कर्मियों ने उच्च न्यायालय में अपनी सेवाओं को नियमित करने के लिए याचिका भी दायर की है।
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चारू ओझा, चंदन नाथ, एलएस कन्याल, विक्रम भंडारी, एलएस रावल, जीवन बिष्ट आदि का कहना था कि बगैर न्यायालय के निर्णय से पहले संविदा कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाने पर स्वयं सहायता समूह की नियुक्ति नहीं की जा सकती हैं, जिसका संगठन पूरी ताकत के साथ विरोध करेगा। बैठक में संविदा कर्मियों का आह्वान किया गया कि वह 9 मार्च को अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में अपना विरोध प्रदर्शित करने के लिए तैयार रहें।
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भविष्य के प्रति अनिश्चित हुए संविदा शिक्षक
दस सालों से राजीव नवोदय विद्यालयों का संचालन कर रहे संविदा शिक्षक और अन्य कर्मचारी जहां अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे थे, वहीं सरकार की ओर से राजीव नवोदय विद्यालयों का ढांचा ही अलग तैयार कर प्रतिनियुक्तियों के जरिए सभी पद भरने का निर्णय लिया गया है, जिससे यहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के समक्ष असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। लोहाघाट स्थित राजीव नवोदय विद्यालय में कुल 24 स्टाफ में 18 लोग संविदा पर कार्यरत हैं। सेवा नियमितीकरण की आश में यहां के संविदा शिक्षकों ने गेस्ट टीचर के लिए भी आवेदन नहीं किया। जितेंद्र पुनेठा, विपिन कलौनी, जानकी चतुर्वेदी, हरीश कलौनी आदि का कहना है कि सरकार के निर्णय से शिक्षक भविष्य के प्रति अनिश्चित हो गए हैं।

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