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नेपाल के मेयर ने सीमा की विवादित भूमि पर जताया नेपाल का दावा
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नेपाल की भीम दत्त नगर पालिका महेंद्रनगर के मेयर सुरेंद्र बिष्ट।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। सीमा पर नो मेंसलैंड की विवादित भूमि में नेपाल की ओर से अतिक्रमण के विवाद पर नेपाल के कंचनपुर जिले की भीम दत्त (महेंद्रनगर) नगर पालिका के मेयर सुरेंद्र बिष्ट ने विवादित भूमि को नेपाल की होने का दावा किया है। साथ ही दावा किया कि एकीकृत महाकाली संधि के तहत टनकपुर बांध निर्माण में 577 मीटर भूमि नेपाल ने भारत को दी थी। उनका कहना है कि सीमा विवाद को तूल देना उचित नहीं है। दोनों देश जल्द सर्वे करा कर सीमा विवाद को सुलझाए ताकि वैमनस्यता पैदा न हो।
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी नेकपा (नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी) से जुड़े मेयर बिष्ट ने संवाद न्यूज एजेंसी से हुई वार्ता में कहा कि ब्रह्मदेव से लगी सीमा में भूमि को लेकर विवाद को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि को विवादित बताकर नेपाल की ओर से अतिक्रमण की बात कही जा रही है वह भूमि नेपाल की है और सालों से सामुदायिक वन समिति ब्रह्मदेव के अधीन है। इस भूमि पर वन समिति ने पहले से लकड़ी की बाड़ लगा रखी थी जो सड़ गल कर नष्ट हो गई तो समिति ने नया तारबाड़ कर पौधरोपण किया है। उन्होंने बताया कि सीमा पर भारत ने अपने अधिकार क्षेत्र की भूमि में सड़क का निर्माण कराया है वैसे ही नेपाल की ओर से भी अपने अधिकार क्षेत्र की भूमि में तारबाड़ कर पौधरोपण किया है। रही बात सीमा विवाद कि तो दोनों देशों की ओर से ज्वाइंट सर्वे के बाद सीमांकन में साफ हो जाएगा कि भूमि नेपाल की है या भारत की। उन्होंने कहा कि एकिकृत महाकाली संधि के तहत टनकपुर बांध निर्माण में नेपाल द्वारा 577 मी. भूमि भारत को दी गई है। जिसका संधि में उल्लेख किया गया है।
चार अगस्त को मिलेंगे भारत-नेपाल के अफसर
चंपावत। दोनों देशों के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच चंपावत जिला प्रशासन की पहल पर दोनों देशों के अफसर चार अगस्त को बैठक करेंगे। चंपावत एसपी लोकेश्वर सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेपाल की ओर से कंचनपुर जिले के अफसर बैठक में शामिल होंगे। इधर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने उम्मीद जताई है कि नो मैंसलैंड पर अतिक्रमण विवाद बातचीत के जरिए सुलझ जाएगा।
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भारत-नेपाल सीमा में टनकपुर से लगे नो मेंसलैंड क्षेत्र में नेपाल की ओर से हुए अतिक्रमण मसले पर बातचीत के लिए दोनों देशों के अफसरों के बीच होने वाली बैठक की तिथि आखिर तय हो गई है। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि बैठक में एसएसबी के अधिकारी भी शिरकत करेंगे। बैठक सीमांत क्षेत्र में होगी, मगर यह किस स्थान होगी, इसका औपचारिक एलान नहीं किया गया। माना जा रहा है कि टनकपुर में नेपाल सीमा से लगे नो मैंसलैंड का मौका मुआयना करने के बाद होने वाली बैठक का स्थल टनकपुर हो सकता है। आमतौर पर नेपाल के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकें बनबसा में होती रही हैं।
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प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी नेकपा (नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी) से जुड़े मेयर बिष्ट ने संवाद न्यूज एजेंसी से हुई वार्ता में कहा कि ब्रह्मदेव से लगी सीमा में भूमि को लेकर विवाद को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि को विवादित बताकर नेपाल की ओर से अतिक्रमण की बात कही जा रही है वह भूमि नेपाल की है और सालों से सामुदायिक वन समिति ब्रह्मदेव के अधीन है। इस भूमि पर वन समिति ने पहले से लकड़ी की बाड़ लगा रखी थी जो सड़ गल कर नष्ट हो गई तो समिति ने नया तारबाड़ कर पौधरोपण किया है। उन्होंने बताया कि सीमा पर भारत ने अपने अधिकार क्षेत्र की भूमि में सड़क का निर्माण कराया है वैसे ही नेपाल की ओर से भी अपने अधिकार क्षेत्र की भूमि में तारबाड़ कर पौधरोपण किया है। रही बात सीमा विवाद कि तो दोनों देशों की ओर से ज्वाइंट सर्वे के बाद सीमांकन में साफ हो जाएगा कि भूमि नेपाल की है या भारत की। उन्होंने कहा कि एकिकृत महाकाली संधि के तहत टनकपुर बांध निर्माण में नेपाल द्वारा 577 मी. भूमि भारत को दी गई है। जिसका संधि में उल्लेख किया गया है।
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चार अगस्त को मिलेंगे भारत-नेपाल के अफसर
चंपावत। दोनों देशों के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच चंपावत जिला प्रशासन की पहल पर दोनों देशों के अफसर चार अगस्त को बैठक करेंगे। चंपावत एसपी लोकेश्वर सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेपाल की ओर से कंचनपुर जिले के अफसर बैठक में शामिल होंगे। इधर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने उम्मीद जताई है कि नो मैंसलैंड पर अतिक्रमण विवाद बातचीत के जरिए सुलझ जाएगा।
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भारत-नेपाल सीमा में टनकपुर से लगे नो मेंसलैंड क्षेत्र में नेपाल की ओर से हुए अतिक्रमण मसले पर बातचीत के लिए दोनों देशों के अफसरों के बीच होने वाली बैठक की तिथि आखिर तय हो गई है। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि बैठक में एसएसबी के अधिकारी भी शिरकत करेंगे। बैठक सीमांत क्षेत्र में होगी, मगर यह किस स्थान होगी, इसका औपचारिक एलान नहीं किया गया। माना जा रहा है कि टनकपुर में नेपाल सीमा से लगे नो मैंसलैंड का मौका मुआयना करने के बाद होने वाली बैठक का स्थल टनकपुर हो सकता है। आमतौर पर नेपाल के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकें बनबसा में होती रही हैं।

नेपाल सीमा की वह विवादित भूमि जिस पर नेपाल की ओर तारबाड़ लगाकर पौधारोपण किया गया है।- फोटो : TANAKPUR