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नेपाली सूखा बंदरगाह से भारत को जोड़ने की तैयारी
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बनबसा (चंपावत)। नेपाल में बनने वाले सूखा बंदरगाह को भारत से जोड़ने वाली सड़क के सर्वे के बाद समरेखन (एलाइनमेंट) तैयार हो गया है। राजस्व भूमि के अधिग्रहण के लिए भारत सरकार ने राजपत्र (गजट नोटिफिकेशन) भी जारी कर दिया है। प्रस्तावित सड़क में आने वाले पेड़ों के कटान के लिए संख्या का प्रस्ताव बनाकर एनएचएआई ने वन विभाग को भेज दिया है। सड़क निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरित कर पेड़ों को कटवाने का मामला अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास लंबित है।
बनबसा सीमा पर नेपाल के चांदनी गांव के पास नेपाल का सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) बनने वाला है। इसे भारत से जोड़ने के लिए नेपाल से सटी भारतीय सीमा (भारत-नेपाल पिलर संख्या 802/11) से जगबूड़ा पुल के पास एनएच तक करीब 4.5 किमी लंबी फोर लेन सड़क बननी है। इस सड़क को गुदमी, देवीपुरा, पचपकरिया ग्राम सभाओं के कुछ हिस्सों से होकर बनना है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि नेपाल सीमा से जगबूड़ा पुल तक राजस्व भूमि के अधिग्रहण के लिए भारत सरकार ने राजपत्र जारी कर दिया है।
इसलिए अब संबंधित भूमि की खरीद फरोख्त आदि पर रोक लगा दी गई है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण के लिए अभी राजपत्र जारी नहीं हुआ है। केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। एनएचएआई की उपप्रबंधक अभियंता मीनू ने बताया कि नेपाल सीमा के भारतीय क्षेत्र से जगबूड़ा पुल तक करीब 4.5 किमी तक 2100 पेड़ों को कटवाने का प्रस्ताव बनाकर वन विभाग के पास भेजा गया है। वहीं पूर्वी तराई वन प्रभाग के एसडीओ शिवराज चंद ने बताया कि फिलहाल वन विभाग को एनएचएआई से पेड़ कटवाने संबंधी कोई जानकारी नहीं मिली है। बताया कि राज्य का वन महकमा और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ही अंतिम निर्णय लेगा।
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बनबसा सीमा पर नेपाल के चांदनी गांव के पास नेपाल का सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) बनने वाला है। इसे भारत से जोड़ने के लिए नेपाल से सटी भारतीय सीमा (भारत-नेपाल पिलर संख्या 802/11) से जगबूड़ा पुल के पास एनएच तक करीब 4.5 किमी लंबी फोर लेन सड़क बननी है। इस सड़क को गुदमी, देवीपुरा, पचपकरिया ग्राम सभाओं के कुछ हिस्सों से होकर बनना है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि नेपाल सीमा से जगबूड़ा पुल तक राजस्व भूमि के अधिग्रहण के लिए भारत सरकार ने राजपत्र जारी कर दिया है।
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इसलिए अब संबंधित भूमि की खरीद फरोख्त आदि पर रोक लगा दी गई है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण के लिए अभी राजपत्र जारी नहीं हुआ है। केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। एनएचएआई की उपप्रबंधक अभियंता मीनू ने बताया कि नेपाल सीमा के भारतीय क्षेत्र से जगबूड़ा पुल तक करीब 4.5 किमी तक 2100 पेड़ों को कटवाने का प्रस्ताव बनाकर वन विभाग के पास भेजा गया है। वहीं पूर्वी तराई वन प्रभाग के एसडीओ शिवराज चंद ने बताया कि फिलहाल वन विभाग को एनएचएआई से पेड़ कटवाने संबंधी कोई जानकारी नहीं मिली है। बताया कि राज्य का वन महकमा और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ही अंतिम निर्णय लेगा।
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