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Champawat News: सगंध पौधों की खुशबू से महकेगा नरसिंहडांडा

Fri, 03 May 2024 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 03 May 2024 11:06 PM IST
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Narsinghdanda will smell with the fragrance of aromatic plants
चंपावत के नरसिंहडांडा में एरोमा मिशन के तहत आयोजित कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागी। संवाद
चंपावत। नरसिंहडांडा में सगंध पौधों की खेती को बढ़ावा दिए जाने को लेकर काश्तकारों को सगंध प्रजाति के पौधे वितरित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद यूकाॅस्ट और केंद्रीय औषधि सगंध पौध संस्था सीमैप लखनऊ की ओर से जिले में सगंध पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। यूकाॅस्ट और सीमैप स्वयंसेवी संस्था रीड्स के सहयोग से चंपावत जिले के नरसिंहडांडा क्षेत्र का चयन किया गया है। इसमें सगंध पौधों की खेती के लिए काश्तकारों को विभिन्न प्रकार के सगंध प्रजाति के पौधों का वितरण किया जा रहा है।
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बृहस्पतिवार को यूकॉस्ट और सीमैप की टीम ने नरसिंहडांडा गांव में एरोमा मिशन विषय पर एक दिनी कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डीपी उनियाल ने ग्रामीणों को जिरेनियम, लिलियम, रोज मैरी और लेमन ग्रास की खेती अपनाने पर शुभकामनाएं दी। सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज सेमवाल ने सीमैप की ओर से अभी तक किए कार्यों की जानकारी दी और योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपनी आय बढ़ाने का अनुरोध किया। यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डॉ. पीयूष जोशी ने लोगों से सगंध पौधों की खेती का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। रीड्स के इंद्रेश लोहनी ने आय वृद्धि के लिए सगंध खेती को बहुत लाभदायक बताया। इस अवसर पर यूकॉस्ट समन्वयक देवेंद्र सिंह, सीमैप के मनीष आर्य, पंतनगर केंद्र के डॉ. दीपेंद्र कुमार, डॉ. अमित तिवारी, कैलाश कोठारी, देवेंद्र राम, मुकेश राम, ललित राम आदि मौजूद रहे।
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पूर्णागिरि में अर्पित होने वाले फूल से बनेगा तेल और धूप

चंपावत। यूकाॅस्ट और सीमैप की ओर से पूर्णागिरि क्षेत्र में औषधि और सगंध पौधों का उत्पादन करने के अलावा मां के मंदिर में चढ़ावे के फूल से धूप और सुगंधित तेल का निर्माण कराया जाएगा। सीमैप के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मनोज सेमवाल ने बताया कि गुलाब, गुड़हल, लैमन ग्रास आदि की खेती से लोग अच्छी आय कर सकते हैं। संवाद
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