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गौरा दीदी तू जाली पज्याला, घर ओ बेना हम कसी के रुला
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:10 PM IST
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नंदा मूर्तियों की विदाई
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)। गुमदेश के सुनकुरी गांव में चल रहे गौरा महोत्सव में लोगों ने मां गौरा को ससुराल के लिए विदा किया। इस दौरान ‘गौरा दीदी तू जाली पज्याला, घर ओ बेना हम कसी के रुला’ के बोलों ने सभी की आंखें नम कर दी। पिछले एक सप्ताह से यहां गौरा महोत्सव के कारण चहल-पहल बनी थी।
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गौरा देवी की विदाई के बाद अक्षत और फलों को आकाश की ओर उछाला गया। मान्यता है कि जिस महिला के आंचल में फल और अक्षत गिरते हैं, वह अपने को भाग्यशाली महसूस करती है। खड़नौला, जिडी, निडिल आदि कई गांवों में भी मां गौरा को विदा किया गया। विदा करने से पहले लोगों ने सभी देवी-देवताओं का स्मरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
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